
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस के फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ निरीक्षक योगेन्द्र साहू ने अपराध अनुसंधान में फोरेंसिक विज्ञान और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन-2026 में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने के बाद उन्होंने मंगलवार को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा से सौजन्य भेंट की।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने निरीक्षक योगेन्द्र साहू को बधाई देते हुए कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवीन तकनीकों का उपयोग अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मध्यप्रदेश पुलिस की तकनीकी दक्षता, अनुसंधान क्षमता और पेशेवर उत्कृष्टता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी तकनीक आधारित अपराध विवेचना के लिए प्रेरित करेगी।
गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा 19 और 20 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया था। देशभर के फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों, फोरेंसिक वैज्ञानिकों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इसमें भाग लिया।
निरीक्षक योगेन्द्र साहू को “स्मार्ट यूज़ ऑफ फिंगरप्रिंट साइंस इन इन्वेस्टिगेशन” विषय पर प्रस्तुत केस स्टडी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। यह अध्ययन विदिशा जिले के शमशाबाद थाना क्षेत्र में दर्ज एक जघन्य ब्लाइंड मर्डर प्रकरण पर आधारित था, जिसमें फिंगरप्रिंट साक्ष्यों और नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) की मदद से आरोपी की पहचान कर मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया।
सम्मेलन में इस अध्ययन की वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, तकनीकी विश्लेषण और आधुनिक फिंगरप्रिंट तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए विशेष सराहना की गई। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एससीआरबी) जयदीप प्रसाद तथा फिंगरप्रिंट ब्यूरो, मध्यप्रदेश के संचालक मनोज राजपूत भी उपस्थित रहे।
