इंदौर:कांग्रेस ने नगर निगम नेता प्रतिपक्ष बदल दिया है. अब चिंटू चौकसे की जगह सोनीला मिमरोट भाटिया को नेता प्रतिपक्ष बना दिया है. इस फेरबदल के पीछे एक व्यक्ति एक पद की बात करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री का उठाया मुद्दा नजर आता है.नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष सोनिया मिमरोट भाटिया होंगी. इसके पीछे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह द्वारा प्रभारी हरीश चौधरी के सामने उठाया गया एक व्यक्ति एक पद का मुद्दा बताया जा रहा है.
जीतू पटवारी वैसे भी राज्यसभा चुनाव में मात खा चुके है, इसलिए वे कोई जोखिम लेने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं. फिर एक बात और यह भी है कि संगठन में वे अपने विश्वस्त को रखना चाहते है. दूसरी ओर पटवारी ने सोनीला को बनाकर एक साथ दो समुदाय को साधने का काम किया है. एक महिला और दूसरा अनुसूचित जाति की महिला.
इससे महिला और अनुसूचित जाति दोनों साध गए. अब पटवारी को किस को उपकृत करना रहा तो उनके सामने विकल्प खुला है. देखा जाए तो चिंटू का नगर निगम में प्रदर्शन खराब नहीं रहा है, उन्होंने शहर और जनहित के मुद्दों केके बहुत तवज्जो दी है. इसका उदाहरण है भागीरथपुरा दूषित जल कांड, सड़क चौड़ीकरण में मकान तोड़ने का मामला हो या फिर जल संकट, संपत्तिकर रेट झोन बदलने का हो. हर मुद्दे को चौकसे ने बड़ी ताकत से और गहराई से उठाने का काम किया है.
