जबलपुर: लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर के ऑडिटोरियम और मीटिंग हॉल के दिन फिरे हुए है। महीने में गिनी चुनी बुकिंग आने के कारण अब यह आय के बजाय चिंता का विषय बनता जा रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत विकसित इस आधुनिक कन्वेंशन सेंटर से जिस स्तर की कमाई और व्यावसायिक गतिविधियों की उम्मीद की गई थी, वह पूरी होती नजर नहीं आ रही है। बता दें कि 200, 300, 500 और 900 सीटर वाले ऑडिटोरियम और हाल का उद्घाटन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा किया गया था।
जिसके बाद से ही स्मार्ट सिटी इसे अपने पास रख बुकिंग कर रही थी लेकिन पिछले कई महीनों से यह बुकिंग बंद कर दी गई है। वही इस पर जिम्मेदारों का कहना है कि जल्द ही इस ऑडिटोरियम को एजेंसी को सौंपा जाएगा इसके बाद से एक बार फिर ऑडिटोरियम में रौनक लौट सकेगी। सूत्रों के अनुसार, सेंटर के संचालन, रखरखाव और अन्य खर्चों की तुलना में बुकिंग और आयोजनों से होने वाली आय काफी कम है। बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को आकर्षित करने के उद्देश्य से बनाए गए इस परिसर में अपेक्षित संख्या में आयोजन नहीं हो पा रहे हैं, जिससे राजस्व प्रभावित हो रहा है।
मौजूद है विशाल पार्किंग
बता दे की नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण 5 स्टार रेटिंग के मानकों के अनुरूप किया गया है। जिसमें ऊर्जा की बचत सुनिश्चित की गई थी वहीं इस सेंटर में विशाल पार्किंग, कैफेटेरिया की सुविधा भी मौजूद है। वही शहर के जानकारों का कहना है कि कन्वेंशन सेंटर जैसी परियोजनाओं की सफलता नियमित कॉर्पोरेट इवेंट, प्रदर्शनियों, व्यापारिक सम्मेलनों और सांस्कृतिक आयोजनों पर निर्भर करती है। लेकिन पर्याप्त मार्केटिंग और लगातार आयोजनों के अभाव में यह क्षमता पूरी तरह उपयोग नहीं हो पा रही है।
नहीं है कोई एंजेसी
बता दें कि स्मार्ट सिटी द्वारा संचालित गोकुलदास धर्मशाला, कल्चरल स्ट्रीट और शक्ति नगर में बने स्पोर्ट्स कंपलेक्स सहित अन्य प्रोजेक्ट भी दुर्दशा का दानिश झेल रहे हैं स्मार्ट सिटी से जुड़ी कई परियोजनाओं के आर्थिक प्रदर्शन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। स्मार्ट सिटी की विभिन्न परिसंपत्तियों से अपेक्षा से कम राजस्व मिलने की बात सामने आई है।
