
सिंगरौली। जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 22 एनसीएल परियोजना अमलोरी में स्थित बैगा बस्ती में मूलभूत सुविधाओं का अभाव आज भी बना हुआ है।
डेढ़ माह पूर्व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री राधा सिंह, एनसीएल के अधिकारियों, सिंगरौली एसडीएम तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने बस्ती का दौरा कर समस्याओं का निरीक्षण किया था और एक सप्ताह के भीतर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया था। लेकिन डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हालात में कोई विशेष बदलाव नहीं दिखाई दे रहा है। बस्तीवासियों का कहना है कि उस दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बिजली, पेयजल, सड़क और साफ.-सफाई जैसी समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया था। स्वयं मंत्री राधा सिंह ने भी एक सप्ताह बाद दोबारा बस्ती का निरीक्षण करने की बात कही थी, लेकिन आज तक न तो मंत्री दोबारा पहुंचीं और न ही समस्याओं का अपेक्षित निराकरण हो सका। स्थानीय लोगों के अनुसार बस्ती में अब भी स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। कई परिवार दूषित पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं। साफ.-सफाई की नियमित व्यवस्था नहीं होने से जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है।
एक सप्ताह का आश्वासन, इंतजार डेढ़ माह
बस्तीवासियों ने नेताओं और अधिकारियों के आश्वासनों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि लगातार संपर्क में रहते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। उनका आरोप है कि मंत्री के निर्देशों का भी संबंधित विभागों द्वारा पालन नहीं किया गया। आलम यह है कि बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है। बैगा परिवारों का कहना है कि सुविधाओं की कमी का सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ रहा है। पर्याप्त रोशनी और बेहतर सड़क व्यवस्था नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान नहीं है, जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इनका कहना:-
मोटर पम्प जला हुआ है। कोई सुनने वाला नही है। चुनाव के वक्त ही सब नजर आते हैं। हम लोगों की जिंदगी कैसे गुजर रही है, यहां आने और देखने के बाद सब को पता चल जाएगा। यहां एक नही अनेक समस्याएं हैं।
सौंधिया देवी, बैगा बस्ती
इनका कहना:-
डेढ़ महीने पहले यहां मंत्री से लेकर अधिकारी व नेता आए। बहुत सारे वायदे किये, लेकिन एक भी मांग पूरी नही हो पाई। यहां सिर्फ सब फोटो खिचाने आऐ थे, समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। कोई भी सुनने वाला नही है।
अन्नेलाल बैगा, बैगा बस्ती
