
ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर स्थित पर्यावरण अध्ययनशाला के समीप संकटमोचन हनुमान मंदिर में सोमवार को सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ एवं महाआरती का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। विश्वविद्यालय परिवार के प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में हनुमान चालीसा का पाठ कर सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। आचार्य डॉ. हरीश चंद्र शास्त्री एवं पं. नवदीप शर्मा ने मुख्य अतिथि कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य तथा उनके गुरु, महात्मा पीजी कॉलेज करेली के सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रो. यूसी विश्वकर्मा से पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत की गई। हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में परिवर्तित हो गया। सभी उपस्थित जनों ने पूरे मनोयोग से पाठ में भाग लिया। इसके पश्चात भगवान हनुमान की महाआरती की गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने राष्ट्र कल्याण एवं सामाजिक समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने अपने गुरु प्रो. यूसी विश्वकर्मा को मोतियों की माला एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उपस्थितजनों ने इस क्षण को संस्कार और परंपरा का प्रतीक बताया। इसके पश्चात विश्वविद्यालय परिवार की ओर से कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य का सामाजिक समरसता सम्मान से अभिनंदन किया गया। आचार्य प्रो. राजेंद्र खटीक, डॉ. शांतिदेव सिसोदिया, डॉ. समीर भाग्यवंत एवं स्थायी कर्मी संघ के अध्यक्ष यतेंद्र शर्मा ने उन्हें अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपक वर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रो. एसके सिंह ने व्यक्त किया।
