भोपाल। एटीएस की जांच में सामने आए कथित आतंकी मॉड्यूल को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस रिमांड पर चल रहे इजहार उल हक से पूछताछ में कथित तौर पर ‘मिशन 2047’ और उससे जुड़े नेटवर्क को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
एटीएस के अनुसार, यह कथित नेटवर्क पीएफआई के एजेंडे को आगे बढ़ाने की सोच के साथ काम कर रहा था। जांच में यह दावा किया गया है कि संदिग्धों को समय आने पर एक साथ सक्रिय होने, टारगेट किलिंग करने और देश में डर का माहौल बनाने जैसे निर्देश दिए गए थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, संदिग्धों के पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क होने और सोशल मीडिया व मैसेजिंग ऐप्स के जरिए युवाओं को जोड़ने की कोशिश की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल एटीएस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है। डिजिटल सबूत, मोबाइल डेटा, चैट और संदिग्ध संपर्कों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित नेटवर्क की पहुंच कितनी बड़ी थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
