जम्मू-कश्मीर में 523 आयुष डिस्पेंसरियों का उन्नयन, नये अस्पताल एवं योग केंद्रों से स्वास्थ्य सेवाओं को मिला बढ़ावा : जितेंद्र सिंह

जम्मू, 21 जून (वार्ता) केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक सद्भाव एवं बीमारियों से बचने के लिए योग की परिवर्तनकारी भूमिका पर ज़ोर दिया है।

इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का विषय “स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने कहा है कि भारतीयों की बढ़ती उम्र के साथ, बुढ़ापे में सेहत का ध्यान रखना अब सिर्फ़ किसी व्यक्ति की निजी चिंता नहीं रह गई है, बल्कि यह ‘भारत 2047’ के निर्माण में हर नागरिक का बेहतर योगदान सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गई है। डॉ. सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत 523 आयुष डिस्पेंसरी को आयुष्मान आरोग्यमंदिर में अपग्रेड किया गया है।

उन्होंने रविवार को जम्मू के गांधी नगर स्थित सरकारी महिला कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित योग कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ाने के लिए इसी मिशन के अंतर्गत पांच 50-बिस्तर वाले पांच और 10 बिस्तर वाले दो आयुष अस्पताल बनाए जा रहे हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए बेहतर स्वास्थ्य अवसंरचना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विकास एवं सतत प्रगति के लिए स्वस्थ आबादी ज़रूरी है।

उन्होंने शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक सेहत को बेहतर बनाने में योग के महत्व पर भी बल दिया और इसे जीवन की गुणवत्ता सुधारने का एक असरदार माध्यम कहा। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से योग करने से तंदुरुस्ती बनी रहती है, तनाव कम होता है और उम्र बढ़ने के साथ सेहत अच्छी रहती है, विशेषकर युवाओं में।

डॉ. सिंह ने युवाओं से योग को जीवनशैली बनाने और एक स्वस्थ एवं ज्यादा उत्पादक राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। जम्मू-कश्मीर में आयुष विभाग की उपलब्धियों की बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना को मज़बूत करने और आयुष सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में अच्छी शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने के लिए तीन आयुष कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जिनमें अखनूर में आयुर्वेदिक कॉलेज, गंदेरबल में यूनानी कॉलेज और कठुआ में होम्योपैथी कॉलेज शामिल हैं।मंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में कई प्रमुख राष्ट्रीय आयुष स्वास्थ्य कार्यक्रम सफलतापूर्वक लागू किए गए हैं। इनमें वृद्धावस्था संबंधी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वायोमित्र, स्कूली बच्चों में स्वस्थ जीवन शैली के लिए आयुर्वेद, उपशामक देखभाल के लिए करुण्य और ऑस्टियोआर्थराइटिस और संबंधित स्थितियों की रोकथाम एवं प्रबंधन के लिए मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर (एमएसडी) कार्यक्रम शामिल हैं।

डॉ. सिंह ने योग की बढ़ती लोकप्रियता की बात करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में लगभग 200 योग प्रशिक्षकों को तैनात किया गया है। केंद्र शासित प्रदेश में राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत 42 नए आयुष डिस्पेंसरी स्थापित की गयी है।उन्होंने कहा कि एनएबीएच के अंतर्गत 78 आयुष संस्थानों को प्रमाणित किया गया है, जो अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवा प्रदान करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डॉ. सिंह ने जीवनशैली के रूप में योग को बढ़ावा देने के सरकार के संकल्प को दोहराया और सभी क्षेत्रों के लोगों से इसके फायदों को अपनाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, “आइए, योग को अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा बनाने के अपने संकल्प को दोहराएं और हम सब मिलकर एक ऐसे भविष्य के निर्माण की दिशा में काम करें जहां हर नागरिक स्वस्थ बुढ़ापे, मानसिक सेहत एवं बेहतर जीवन का आनंद प्राप्त कर सके।”

 

 

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