ऊर्जा संकट पर बड़ी राहत, कतर से 110 दिनों के लंबे इंतजार के बाद एलएनजी लेकर ‘दिशा’ टैंकर दहेज बंदरगाह पर पहुंचा

दाहेज, गुजरात | मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण पिछले 110 दिनों से बंद पड़ी एलएनजी की आपूर्ति पुनः बहाल हो गई है। कतर से 62,370 मीट्रिक टन गैस लेकर चला विशाल टैंकर ‘दिशा’ होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग को सुरक्षित पार करते हुए दाहेज एलएनजी टर्मिनल पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया शांति समझौते ने इस व्यापारिक मार्ग को पुनर्जीवित करने में अहम भूमिका निभाई है।

पेट्रोनेट एलएनजी के लिए बड़ी उपलब्धि

भारत की प्रमुख एलएनजी आयातक कंपनी ‘पेट्रोनेट एलएनजी’ के लिए यह खेप अत्यंत महत्वपूर्ण है। मार्च महीने से बाधित इस आपूर्ति ने देश की ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी थी, क्योंकि कतर भारत का सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता है। शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित इस टैंकर का पहुंचना पेट्रोनेट एलएनजी के साथ हुए दीर्घकालिक अनुबंध की सफलता और निरंतरता का प्रमाण है।

औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र को बूस्ट

दाहेज टर्मिनल की 22.5 मिलियन टन की वार्षिक क्षमता को देखते हुए, यह आपूर्ति देश के औद्योगिक और बिजली उत्पादन क्षेत्रों के लिए एक बड़ा बूस्ट साबित होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक ईंधन संकट के बीच इस खेप का पहुंचना भारत की सक्रिय कूटनीतिक रणनीति का परिणाम है। अब भविष्य में एलएनजी की नियमित आपूर्ति से देश में निर्बाध ऊर्जा उत्पादन सुनिश्चित होने की प्रबल उम्मीद है।

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