कर्ज और आर्थिक दबाव के बीच टूटती ज़िंदगियां, गुना जिले में सामने आए कई दुखद मामले


गुना: जिले में आर्थिक तंगी, कर्ज और मानसिक दबाव के बीच बीते दिनों कुछ ऐसे दुखद घटनाक्रम सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। अलग-अलग क्षेत्रों से आई आत्महत्या की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि आर्थिक संकट और तनाव कई परिवारों के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।जिले के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में चार ऐसे मामले सामने आए, जिनमें कर्ज, बीमारी या पारिवारिक दबाव से जूझ रहे लोगों ने आत्मघाती कदम उठाया।

आरोन क्षेत्र में 35 वर्षीय युवक ने लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक संकट और मानसिक तनाव के चलते विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। परिजनों के अनुसार, युवक पर विभिन्न कारणों से कर्ज बढ़ता चला गया था, जिससे वह लगातार दबाव में था। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़ गया।
बमोरी ब्लॉक के ग्राम झागर में 19 वर्षीय युवक ने आर्थिक परेशानियों से तंग आकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि उस पर कर्ज का बोझ था और वह लंबे समय से मानसिक तनाव में चल रहा था।

राधौगढ़ के गोंदलपुर क्षेत्र में 30 वर्षीय युवक की मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। बताया गया कि वह सीमित राशि के कर्ज और उससे जुड़े तनाव से परेशान था।
वहीं ग्राम श्यामपुर की 18 वर्षीय युवती, जो लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थी, ने इलाज और पारिवारिक आर्थिक हालात को लेकर तनाव में यह कदम उठाया। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

इन घटनाओं ने यह स्पष्ट किया है कि आर्थिक दबाव, बीमारी और सामाजिक तनाव कई लोगों के लिए असहनीय बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में पारिवारिक सहयोग, सामाजिक संवेदनशीलता और समय पर परामर्श बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

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