मुलताई। सिखों के पांचवें गुरु शहीदों के सरताज गुरु अर्जनदेवजी के शहीदी दिवस पर गुरुवार को पवित्र नगरी के ऐतिहासिक गुरुद्वारे में गुरु की संगत ने राहगीरों को शीतल शरबत का वितरण किया। गौरतलब है कि शहीदी दिवस के पांच दिन पूर्व से गुरद्वारा में संगत द्वारा प्रतिदिन श्रीसुखमणि साहिब जी का पाठ किया जा रहा था।गुरुवार सुबह 11 बजे से संगत ने शबद कीर्तन किया। दोपहर 12 बजे सामूहिक अरदास की गई। उसके बाद गुरु का लंगर और शरबत की छबील लगाई गई। संगत ने गुरुद्वारे के सामने से गुजरने वाले राहगीरों को आग्रह के साथ शरबत पिलाया। साथ ही हलवा चना का प्रसाद भी वितरित किया। गर्मी की तपन से हलकान राहगीरों ने शीतल शरबत ग्रहण किया। वही गुरुद्वारा में लंगर सेवा का आयोजन कर संगत को प्रेम सेवा और मानवता का संदेश दिया गया। ।गुरुद्वारा गुरुसिंघ सभा के सेवादार सरदार कश्मीर सिंघ ने बताया अर्जनदेव जी शहीदों के सरताज और शांतिपुंज थे। गुरु अर्जनदेव जी ने वर्ष 1604 में भाई गुरदास की सहायता से श्रीगुरुग्रंथ साहिब का संपादन किया था। शहीदी पर्व पर संगत ने गुरु साहिब के त्याग ,तपस्या और मानव कल्याण के लिए दिए गए बलिदान को स्मरण करते हुए उनके बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया कार्यक्रम में सिख समाज के साथ पंजाबी और खत्री समाज के सदस्यों की उपस्थिति रही।
