
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष और देश के प्रतिष्ठित संतों में शुमार महंत नृत्य गोपाल दास महाराज के 88वें जन्मोत्सव को लेकर धर्मनगरी अयोध्या में अभूतपूर्व उल्लास का माहौल है। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मील के पत्थर को यादगार बनाने के लिए मणिराम दास की छावनी में एक भव्य उत्सव की रूपरेखा तैयार की गई है। आगामी 27 जून को अपने जीवन के 88 वर्ष पूरे करने जा रहे महंत के सम्मान में इस बार अयोध्या न केवल भक्ति के रंग में डूबेगी, बल्कि देश के शीर्ष आध्यात्मिक और राजनीतिक दिग्गजों की साक्षी भी बनेगी।
इस वृहद आयोजन का शंखनाद 19 जून से होने जा रहा है, जिसकी शुरुआत 10 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के दिव्य प्रवाह से होगी।
इस जन्मोत्सव को सिर्फ एक व्यक्तिगत उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि ‘संत समागम और राष्ट्रीय चेतना’ के पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। उत्सव के मुख्य आकर्षणों में एक विशाल आध्यात्मिक सम्मेलन (संत सम्मेलन) शामिल है, जिसमें सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और समसामयिक धार्मिक विषयों पर मंथन होगा। इस बड़े मंच पर देश के कोने-कोने से प्रख्यात शंकराचार्य, महामंडलेश्वर और सिद्ध संतों का जमावड़ा लगेगा।
धार्मिक जगत के साथ-साथ इस आयोजन में राजनीतिक जगत की भी भारी मौजूदगी देखने को मिलेगी। समारोह समिति की ओर से देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रमुख राजनेताओं को विशेष निमंत्रण पत्र भेजे गए हैं। सूत्रों और अंदरूनी खबरों की मानें तो कई मुख्यमंत्रियों ने रामनगरी के इस महाआयोजन में शामिल होने की अपनी लिखित व मौखिक सहमति भी दे दी है। अगले 10 दिनों तक अयोध्या पूरी तरह से उत्सव के रंग में सराबोर रहने वाली है, जहां आस्था, सियासत और संस्कृति का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
