
सिंहस्थ 2028 के लिए मिल का पत्थर साबित होगी, यह परियोजना कान्ह क्लोज डक्ट प्रोजेक्ट से क्षिप्रा मैया होंगी स्वच्छ
उज्जैन। महाकाल की नगरी में महाकुंभ का आयोजन होने वाला है। मोक्षदायिनी मां शिप्रा के जल से ही 15 करोड़ श्रद्धालु आगंतुक अथिति और साधु संत स्नान कर सकेंगें। इसी परिकल्पना के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवर खेड़ी, सिलार खेड़ी डेम परियोजना का सोमवार को भूमिपूजन किया। सीएम ने मां शिप्रा का जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया और परियोजना निर्माण का भूमिपूजन घाट पर ही मां क्षिप्रा के पूजन से किया। मुख्यमंत्री ने मां क्षिप्रा नदी का जल और दुग्ध अभिषेक कर पूजन अर्चन चुनरी भेंट की और मां क्षिप्रा का आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बटुकों के मंत्रोच्चारण और शंख ध्वनि के साथ ?614 करोड़ की सेवरखेड़ी-सिलार खेड़ी, परियोजना का शिप्रा घाट पर भूमि पूजन भी किया और शिलालेख का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पवन पावनी मां शिप्रा को प्रवाहमान बनाए रखने के लिए यह परियोजना अति आवश्यक थी। अब इस परियोजना के माध्यम से सिहस्थ 2028 में मां शिप्रा के जल से ही, ऋषि मुनि, संत, गुरु महाराज स्नान करेंगे। बाबा महा काल के आशीर्वाद से यह अदभुत क्षण आया है। इस ऐतिहासिक क्षण के लिए हम बाबा महाकाल का आभार मानते हैं और उनके आशीर्वाद से ही यह आज संभव हो पाया है। यह परियोजना 2 साल में पूर्ण हो जाएगी और मां शिप्रा के जल से समस्त उज्जैन वासियों को पेयजल की सुविधा भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टनल में उतरकर टनल में कार्यरत श्रमिकों से संवाद कर उनकी कार्यशैली, जीवनचर्या व कार्य का समय और उनकी कुशलक्षेम जानी। श्रमिकों ने मुख्यमंत्री डॉ.यादव की सहृदयता व संवेदनशील व्यवहार देखकर उनसे खुलकर चर्चा की। श्रमिकों ने कहा कि वह माता क्षिप्रा को स्वच्छ करने वाली इस परियोजना के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर देश के लिए अपना योगदान दे रहे हैं। इस बात पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रमिकों के देश निर्माण में उल्लेखनीय योगदान व देश प्रेम की भावना की सराहना की।
कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना निर्माणाधीन है जिसके कट एंड कवर भाग में खुदाई एवं पीसीसी कार्य, टनल भाग में चार शाफ़्ट के माध्यम से वर्टिकल एवं हॉरिजॉन्टल खुदाई का कार्य एवं कास्टिंग यार्ड में प्री कास्ट सेगमेंट की कास्टिंग का कार्य प्रगतिरत है। परियोजना के शुरुआती 6.90 कि. मी. कट एंड कवर भाग में खुदाई एवं पीसीसी कार्य प्रगतिरत है। परियोजना अंतर्गत उपयोग में लाए जाने वाले प्री कास्ट सेगमेंट की कास्टिंग का कार्य ग्राम गंगेडी में स्थित कास्टिंग यार्ड में जारी है। प्री कास्ट सेगमेंट्स को कास्टिंग यार्ड से परियोजना के एलाइनमेंट तक पहुंचाने एवं पीसीसी बेड पर रखने तथा आपस में जोडऩे का कार्य जल्द ही प्रारंभ होगा। परियोजना के टनल भाग अंतर्गत चार शाफ़्ट क्रमश: ग्राम पालखेड़ी, चिंतामन जवासिया, बामोरा एवं देवराखेड़ी में स्थित है। शाफ़्ट नंबर 01 एवं 02 में वर्टिकल खुदाई का कार्य प्रगतिरत है तथा शाफ़्ट नंबर 03 एवं 04 में वर्टिकल खुदाई पूर्ण की जा चुकी है एवं हॉरिजॉन्टल खुदाई का कार्य प्रगतिरत है।
इस दौरान महापौर मुकेश टटवाल, रवि सोलंकी, संभागायुक्त संजय गुप्ता, एडीजीपी उमेश जोगा, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
टनल में उतरे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार दोपहर क्षिप्रा शुद्धिकरण के लिए निर्माणरत कान्ह क्लोज डक्ट डायवर्जन परियोजना का बामोरा ग्राम स्थित 32 मीटर गहरे शाफ्ट-3 की निर्माणरत टनल में उतरकर कार्य का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने निरीक्षण कर अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता, समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 दृष्टिगत कान्ह क्लोज डक्ट डायवर्जन परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस योजना से हमारे कई वर्षों का संकल्प मूर्त रूप लेगा। इस परियोजना के माध्यम से कान्ह का दूषित जल क्षिप्रा के किसी भी तट पर नहीं मिलेगा।
जल संचय अभियान की शुरुआत, जल के महत्व को समझें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री सीआर पाटील ने जल संचय, जन भागीदारी अभियान की शुरुआत की। प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालू हेड़ा की उपस्थिति में कार्यक्रम हुआ। इंजीनियरिंग कॉलेज उज्जैन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योजना के अंतर्गत जगह-जगह बोरिंग मशीन से ड्रिल करके गड्ढे किए जाएंगे, जिसमें वर्ष का जल को भूमि के गर्भ में भेजा जाएगा। इससे आसपास के जल स्रोतों में पानी तो बढ़ेगा ही साथ ही भूमि के जल भंडारण क्षमता भी वृद्धि होगी। हर वर्ष, वर्षा के जल को इन बड़े-बड़े ड्रिल से बनाये गड्डो के माध्यम से भूमि के अंदर जलभेजा जाएगा। जिससे आसपास के जल स्रोतों में भी वृद्धि होगी और जल भंडारण क्षमता भी पड़ेगी। जल संचय से हमारे पानी की समस्याओं को हल करने का यह सबसे बेहतर साधन है मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति को इस अभियान से जोडऩे का मकसद भी यही है कि युवा प्रकृति को पर्यावरण के महत्व को समझे।
गौमाता मंदिर सेवा स्थल का भूमिपूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार दोपहर रत्नाखेड़ी स्थित कपिला गौशाला पहुंचकर वेद ऋचाओं की गूंज के बीच गऊ पूजन के लिए बनाए जा रहे गौमाता मंदिर सेवा स्थल का भूमिपूजन किया। 3.5 करोड़ की निधि से नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे गऊ माता के लिए शेड, सार्वजनिक शौचालय एवं अन्य प्रगतिरत विकास कार्यों का अवलोकन भी किया। ग्राम रत्नाखेड़ी से ग्राम बामोरा के मार्ग में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नागरिकों द्वारा जगह जगह पर स्वागत मंच से स्वागत किया गया। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, रवि सोलंकी व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
