सागर: बुंदेलखंड विश्वकोश योजना के अंतर्गत खेल समिति की बैठक मे द्वारा बुंदेलखंड विश्वकोश में पारंपरिक खेलों को स्थान दिये जाने कि निर्णय लिया गया।जिससे बुंदेलखंड मे खेले जाने वाले पुराने खेलों को स्थान दिया जायेगा। खेल समिति की बैठक डॉ वी के जैसवाल की अध्यक्षता एवं डॉ. के.एस. पित्रे के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुई।श्रीमती शशि दीक्षित एवं सावित्री मौर्य द्वारा सरस्वती वंदना की। विशिष्ट आतिथ्य वीनू शमशेर जंग बहादुर राणा अध्यक्ष- रोटरी क्लब ने बुंदेलखंड विश्वकोश निर्माण हेतु सहयोग का आश्वासन दिया । मुख्य अतिथि पित्रे ने ने बुंदेलखंड में खेलों की परम्परा विकास एवं महत्व पर प्रकाश डाला। डा सरोज गुप्ता ने बुंदेलखंड विश्वकोश योजना पर प्रकाश डाला ।
संरक्षक डॉ राजेश शुक्ला ने कहा कि बुंदेलखंड में आधुनिक खेलो का प्रारंभ सन् 1800 के बाद ही शुरू हुआ। समग्र बुंदेलखंड में खेल कूद के सामान क्रय विक्रय के कोई भी केंद्र नहीं हुआ करते थे।सागर में सबसे पहले 1938 में श्री सुंदरलाल भसीन ने कुछ सामान रखकर बेचना शुरू किया उसके बाद वर्ष 1952 में उनके पुत्र श्री विश्वंभर दयाल एवं श्री मदन लाल ने 1952 में सागर तीन बत्ती पर अपनी दुकान सरस्वती स्पोर्ट्स के नाम पर प्रारम्भ की जिसका उद्घाटन हाकी के जादूगर विश्व प्रसिद्ध खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के द्वारा किया गया था। सागर के मुन्ना मास्टर मेजर ध्यानचंद के साथ खिलाड़ी हैं।
श्रीमती आशालता सिलाकारी ने बालिकाओं के चपेटा,मामुलिया, सुआटा, नौरता,टेसू आदि खेलों की चर्चा करते हुए इन खेलों का महत्व बताया। शमशेर वीनू राणा ने कहा कि बुंदेलखंड विश्वकोश के दस्तावेजीकरण से समय और परिस्थिति के अनुसार सभी खेलों का संरक्षण कर सकते हैं। अनुराग चतुर्वेदी ने कहा कि बुदेलखंड की खेल विधायें समृद्ध रही हैं।आज बुंदेलखंड की परिपाटी के खेल विलुप्ति की कगार पर हैं,इनका संरक्षण आवश्यक है।यदि बुंदेलखंड के पारंपरिक खेलो को जगह जगह आयोजित करें तो बुदेलखंड फिर से खेलकूद के लिए श्रेष्ठ बन सकेगा।
इस अवसर पर दुलारे पहलवान ने अपने अनुभव सांझा किये।इस्फाक खान ने विकलांग छात्रों के लिए खेल के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों को बताया। मनीष यादव के अनुसार पारंपरिक खेल जैसे प्राचीन काल से चले आ रहे है जो हमारे समाज को संरक्षण देते हैं। आने वाली पीढी के लिए इन सभी को जीवंत करना पड़ेगा यह हमारा कर्तव्य है। अच्छा खिलाड़ी अच्छे राष्ट्र का निर्माण करता है।सी जी फिलिप ने कहा कि मोबाइल और टीवी से बच्चे खेलकूद से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने विश्वकोश के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। हाकी,क्रिकेट एवं टेनिस के खिलाड़ी सुनील पटैल ने भी संबोधित किया।के जी पांडे ,डी डी नागर,एस के तिवारी,जी सी जैन , दीपक शाह,प्रदीप दुबे, सुरेन्द्र मिश्रा, ए चतुर्वेदी, डा प्रदीप अविन्द्रा संभागीय खेल अधिकारी ने पारम्परिक खेलों पर चर्चा की। सुमन पटैल,डा हरिमोहन गुप्ता अनूप वर्णवास सहित समस्त खेल विशेषज्ञों ने विचार रखे।
