
सतना: शहर के बाजार क्षेत्र में सीवर प्रोजेक्ट के बाद खोदी गई सड़कों और गड्ढों का निरीक्षण करने सोमवार को सांसद गणेश सिंह, महापौर योगेश ताम्रकार और नगर निगम कमिश्नर डॉ शेर सिंह मीना तकनीकी अमले के साथ पहुंचे। कई महीनों से धूल, गड्ढों और ठप पड़े कारोबार से जूझ रहे व्यापारियों के लिए यह निरीक्षण राहत की उम्मीद लेकर आया।
दरअसल, शहर के प्रमुख बाजारों में सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कें लंबे समय से बदहाल हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उड़ती धूल और अधूरा निर्माण व्यापारियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। इससे दुकानों तक ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। बिगड़ते हालात के कारण जयस्तंभ चौक और हनुमान चौक के व्यापारियों को कई बार विरोध प्रदर्शन भी करना पड़ा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़कों की स्थिति और गड्ढों को लेकर तकनीकी टीम से चर्चा की।
जिसे देखते हुए अब व्यापारी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि निरीक्षण के बाद सुधार कार्य कितनी तेजी से शुरू होते हैं।इस पूरे घटनाक्रम का एक राजनीतिक पहलू भी चर्चा में रहा। पिछले लगभग तीन महीनों से महापौर योगेश ताम्रकार और नगर निगम कमिश्नर शेर सिंह मीना के बीच निर्माण कार्यों और प्रशासनिक मुद्दों पर लगातार मतभेद सामने आते रहे हैं।
महापौर द्वारा कमिश्नर को लिखे गए कई पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसमें उन्होंने अपनी बातों की अनदेखी का आरोप लगाया था। ऐसे माहौल में सांसद, महापौर और कमिश्नर का एक साथ बाजार क्षेत्र का निरीक्षण करना शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
समन्वय से आएगी तेजी
लोगों का मानना है कि यदि विकास कार्यों को लेकर यही समन्वय आगे भी बना रहा, तो लंबे समय से अधूरे पड़े कामों में तेजी आ सकती है। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि उन्हें अब निरीक्षण नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला काम चाहिए। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि सोमवार का यह दौरा केवल औपचारिकता था या फिर बाजार क्षेत्र को बदहाली से बाहर निकालने की शुरुआत।
