व्हाट्सएप मैसेज से गई नौकरी, सड़कों पर उतरे व्यावसायिक प्रशिक्षक

छतरपुर। मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में स्किल आधारित शिक्षा प्रदान कर रहे व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने सेवाओं से पृथक किए जाने के विरोध में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री और शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रशिक्षकों का आरोप है कि पिछले 9-10 वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें बिना किसी लिखित आदेश के केवल व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से कार्य से अलग कर दिया गया है, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

प्रदर्शन के दौरान व्यावसायिक प्रशिक्षक संघ के प्रतिनिधि भारतेंदु नायक ने बताया कि प्रशिक्षक वर्षों से एक ही मानदेय पर कार्य कर रहे हैं और उन्हें आज तक वेतन वृद्धि का लाभ भी नहीं मिला। इसके बावजूद बिना किसी ठोस कारण अथवा आधिकारिक आदेश के उन्हें अचानक सेवाओं से पृथक कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशिक्षकों के साथ लंबे समय से मानसिक और आर्थिक स्तर पर भेदभाव किया जा रहा है।

प्रशिक्षकों ने जिला प्रशासन के माध्यम से शासन से मांग की है कि उनकी शीघ्र बहाली सुनिश्चित करते हुए व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए स्थायी एवं स्पष्ट नीति बनाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के प्रशिक्षक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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