बैंकों में नकदी संकट से किसान परेशान, बेगमगंज में निकासी पर लगी अघोषित पाबंदी

बेगमगंज: किसानों, गल्ला व्यापारियों और अन्य खातेदारों को बैंकों से जरूरत के मुताबिक राशि नहीं मिल पाने से क्षेत्र में परेशानी बढ़ गई है। खाताधारकों का आरोप है कि बैंकों द्वारा एक निश्चित सीमा तक ही भुगतान किया जा रहा है, जिससे लेनदार और देनदारों के बीच असहज स्थिति बन रही है। कई व्यापारियों और किसानों ने इसे अघोषित नोटबंदी जैसी स्थिति बताया है।
तहसील के 19 उपार्जन केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर 6,793 किसानों से 6,36,747.54 क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई थी, जिसकी कुल राशि 1,67,14,61,117 रुपये रही। ऋण वसूली के बाद किसानों को 1,61,89,14,896 रुपये का शुद्ध भुगतान किया जाना था। सूत्रों के अनुसार अब तक करीब 1,58,03,56,769 रुपये किसानों के खातों में जमा हो चुके हैं, लेकिन राशि निकालने में किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि एसबीआई से 50 हजार से एक लाख रुपये तक की राशि दी जा रही है, जबकि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित की बेगमगंज शाखा से केवल 10 हजार रुपये तक ही भुगतान किया जा रहा है।
किसानों सौरभ शर्मा, भरत पटेल, बालगिरी गोस्वामी, गनपत सिंह लोधी, मनोज यादव, राजेंद्र यादव, सुनील यादव, मनोहर कुशवाहा और राजेश कुशवाहा सहित अन्य ने बताया कि खरीफ फसल की बोवनी के लिए खाद, बीज, डीजल और अन्य कृषि कार्यों में पैसों की जरूरत है, लेकिन बैंक से सीमित राशि मिलने के कारण उन्हें परेशानी हो रही है।
किसानों के अनुसार सहकारी बैंक और मप्र क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में 10 हजार रुपये से अधिक राशि मांगने पर प्रबंधन द्वारा नकदी उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है। वहीं एचडीएफसी और आईसीआईसीआई में भी फिलहाल बड़ी राशि की निकासी सीमित बताई जा रही है।
सहकारी केंद्रीय बैंक और ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधकों का कहना है कि उन्हें भी भारतीय स्टेट बैंक से कम राशि प्राप्त हो रही है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए खातेदारों को फिलहाल जरूरत के अनुसार सीमित राशि दी जा रही है। स्थिति सामान्य होने पर मांग के अनुसार भुगतान किया जाएगा।
वहीं भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक तेजस्वी पटेल का कहना है कि बैंक में पर्याप्त राशि उपलब्ध है। खातेदार राशि निकाल तो रहे हैं, लेकिन खातों में जमा नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण नकदी का संतुलन प्रभावित हो रहा है।
सहायक आपूर्ति अधिकारी श्रीमती पूर्णिमा श्रीवास्तव ने बताया कि सभी किसानों का भुगतान किया जा चुका है। 19 वेयरहाउस को खरीदी केंद्र बनाया गया था, जहां से 6,36,038.04 क्विंटल गेहूं का परिवहन हो चुका है। अब केवल 5,321.72 क्विंटल गेहूं का परिवहन शेष है।

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