
नई दिल्ली, 26 नवंबर, 2025: अयोध्या में भव्य राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा स्थापित होने के बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भारत के आंतरिक मामलों में दखल दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस धार्मिक और ऐतिहासिक घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक बयान जारी किया है। उसने इस घटना को ‘इस्लामोफोबिया’ और ‘हेट स्पीच’ से जोड़ते हुए भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों को खतरे में डालने का झूठा आरोप लगाया है।
संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की अपील
पाकिस्तान ने अपनी बेशर्मी की हदें पार करते हुए इस मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उठाने और संयुक्त राष्ट्र (UN) से हस्तक्षेप की अपील की है। उसने UN से मांग की है कि वह भारत में कथित रूप से बढ़ते इस्लामोफोबिया और नफरत की बुनियाद पर हो रहे हमलों पर ध्यान दे, और इस्लामिक विरासत को सुरक्षित रखने में अपनी भूमिका निभाए।
hypocritical पाकिस्तान का खोखला प्रोपेगेंडा
पाकिस्तान, जो अपने ही देश में हिंदू और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करने में पूरी तरह नाकाम रहा है, वह अब भारत पर उंगली उठा रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने राम मंदिर पर ध्वजारोहण की घटना को भारत में अल्पसंख्यक विरासत पर दबाव का एक बड़ा पैटर्न बताया है, जबकि यह खोखला प्रोपेगेंडा उसकी दोहरी नीति को दर्शाता है।
