नयी दिल्ली, 12 जून (वार्ता) आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से राजधानी में इस साल अब तक हुई अग्निकांड की घटनाओं की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को आग की घटनाओं के प्रति गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने पालम, विवेक विहार, मालवीय नगर अग्निकांड की जांच की घोषणा की थी लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई। जब जांच रिपोर्ट ही नहीं आयेगी तो पता कैसे चलेगा कि आग कैसे लगी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है? अगर सरकार आग की घटनाएं रोकने के लिए वास्तव में गंभीर है तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे और उसके अनुसार सख्त कदम उठाए।
श्री भारद्वाज ने कहा कि गोविंदपुरी इलाके में पांच मंजिला इमारत में आग लगने से तीन लोगों की मृत्यु हुई है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घटनास्थल पर पड़ोसियों ने फंसे लोगों की जान बचाने के लिए बड़ी मदद करने की कोशिश की है। कई लोगों ने लटकी हुई साड़ियों से भी नीचे उतरकर अपनी जान बचाई है। अगर इस तरह से आस-पड़ोस के लोग आगे आकर मदद करें, तो कई हादसों के नुकसान को कम किया जा सकता है। मैं उन सभी पड़ोसियों का हृदय की गहराइयों से धन्यवाद करता हूं जिन्होंने बचाव कार्य में अपनी जान की परवाह नहीं की, पानी डाला और हर संभव कोशिश की। शायद इसी सतर्कता की वजह से कई लोगों की जान बच पाई है।
आप नेता ने कहा कि दिल्ली में इस तरह के जितने भी हादसे होते हैं, उनमें जांच की बात तो की जाती है लेकिन जांच रिपोर्ट कभी सामने नहीं आती। मार्च में पालम के हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी, तब कहा गया था कि जांच में एक या डेढ़ महीना लग सकता है लेकिन आज चौथा महीना चल रहा है और अभी तक पालम हादसे की जांच रिपोर्ट नहीं आई कि वहां क्या हुआ था और किसकी गलती थी। इसके बाद विवेक विहार में आग लगी और नौ लोगों की जान गई, तब कहा गया था कि हफ्ते भर में जांच रिपोर्ट आ जाएगी लेकिन वह रिपोर्ट भी अब तक नहीं आई है। एक हफ्ते पहले मालवीय नगर में लगी आग में 23 लोगों की मौत हुई थी, जिसके लिए मीडिया के सामने कहा गया था कि तीन दिन के अंदर रिपोर्ट आएगी लेकिन एक हफ्ते से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी उसकी रिपोर्ट नहीं आई है।
श्री भारद्वाज ने कहा कि हमारी सरकार से सिर्फ इतनी मांग है कि जो भी हादसे हों, उनकी जांच रिपोर्ट अनिवार्य रूप से सामने आनी चाहिए। रिपोर्ट सार्वजनिक होने से ही पता चलेगा कि गलती किसकी थी, क्योंकि कई जगह फायर ब्रिगेड की लापरवाही होती है तो कई जगह किसी अन्य विभाग की कोताही होती है। रिपोर्ट आने पर ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकेगी और अगर फायर ब्रिगेड के रिस्पांस या बचाव कार्य में कोई कमियां हैं, तो उन्हें दूर किया जा सकेगा।
