इंदौर: इस हाट में बालाघाट का चिन्नौर चावल, झाबुआ का सफेद मक्का, छिंदवाड़ा की चिरौंजी, नरसिंहपुर का गुड़, मंडला के मिलेट्स, बुरहानपुर के केले और उनके उत्पाद सहित कई जैविक व पारंपरिक वस्तुएं प्रदर्शित की जा रही हैं. साथ ही ए2 दूध, प्राकृतिक शहद, गोबर से बने पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद, ताजे फल-सब्जियां और हस्तशिल्प (महेश्वरी, टसर, बाघ प्रिंट, हेम्प वस्त्र) भी आकर्षण का केंद्र हैं.
इंदौर में ब्रिक्स सम्मेलन के तहत आयोजित इस प्रदर्शनी में 17 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां विदेशी प्रतिनिधि भी भारतीय कृषि व वनोपज उत्पादों का अवलोकन कर रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, इससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार और निर्यात के नए अवसर मिलेंगे. प्रशासन ने लोगों से प्लास्टिक मुक्त आयोजन के लिए कपड़े का थैला साथ लाने और अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहित करने की अपील की है.
