
दमोह। मप्र पंचायत सरपंच, सचिव व सहायक सचिव संगठन ने ग्राम पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों और शासकीय अमले की ज्वलंत समस्याओं को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया.जनपद सीईओ के माध्यम से भारी संख्या में पहुंचे सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों ने नारेबाजी करते हुए एडीएम मीना मसराम को ज्ञापन सौंपा.साथ ही कलेक्टर प्रताप नारायण यादव से मुलाकात कर अपनी बात रखी.संगठन ने मांग की कि नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में ऑफलाइन उपस्थिति व मैनुअल मस्टर को मान्यता दी जाए.सरपंच संघ अध्यक्ष महेश उपाध्याय,शंकर गौतम सरपंच,कुम्हारी उपाध्यक्ष श्रीमती रश्मि यादव, हथना सरपंच गुड्डू परशुराम मिश्रा, मोनू विश्वकर्मा,बबीता साहू, सरपंच जयपाल यादव, जपं सरपंच संघ अध्यक्ष अभाना गोविंद सिंह, अशोक प्रजापति,सरपंच नारायण कुशवाहा, सचिव संघ दिलीप पाठक, रोजगार सचिव वीर सिंह बबीता साहू,भारत सिंह, भीलमपुर देवेंद्र सिंह, इंद्राणी पटेल,अजय सिंह इमलिया,देवीराय आनू, रीकेश चौबे, घाटपिपरिया प्रति.सचिन साहू, राजकुमार यादव, दर्शन सिंह, हीरा सिंह,नरेश राय, पवन राय, भारत जैन, मन्नू राजा के अलावा सैकड़ो सरपंचों,सचिव व रोजगार सहायक ने बताया हम समस्त सरपंच ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम रोजगार सहायक ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीण विकास के क्रियान्वयन में आ रही निम्नलिखित गंभीर व्यवहारिक और तकनीक विसंगतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया.जिसमें एनएमएमएस की विसंगतियां ग्रामीण अंचलों में कमजोर नेटवर्क के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है,एक-एक मजदूर की केवाईसी व उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है.नेटवर्क विहिन क्षेत्रों क्षेत्र में ऑफलाइन उपस्थिति व मैनुअल मास्टर को मान्यता दी जाए.सामग्री भुगतान पेंडिंग होना,टारगेट आधारित मनरेगा का विरोध, फर्जी सीएम हेल्पलाइन 181 पर रोक पंचायत प्रतिवेदन को मान्यता, समग्र पोर्टल पर अनाधिकृत प्रविष्टियां ऐसी विभिन्न मांगे बताई. उन्होंने कहा कि पंचायत राज व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने इन न्यायसंगत मांगों सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए शीघ्र जारी करने की बात कही.संगठन ने चेतावनी दी कि समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
