
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सड़क और परिवहन अधोसंरचना के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण तथा हरित विकास को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। राजधानी भोपाल की अयोध्या बायपास परियोजना इसी सोच का प्रमुख उदाहरण है। अयोध्या बायपास के चौड़ीकरण के दौरान कटने वाले 7,871 वृक्षों की प्रतिपूर्ति के लिए लगभग 80 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इनमें से लगभग 10 हजार पौधे बायपास के दोनों ओर रोपे जाएंगे, जिससे इसे हरित गलियारे के रूप में विकसित किया जा सके।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल बेहतर सड़क अधोसंरचना का निर्माण नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना भी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना सतत और समावेशी विकास का मॉडल बनेगी।
इसी क्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि अयोध्या बायपास की वर्तमान क्षमता लगभग 40 हजार वाहनों प्रतिदिन की है, जबकि वर्तमान में इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग 45 हजार वाहनों का आवागमन हो रहा है। बढ़ते शहरीकरण और यातायात दबाव को देखते हुए इसका चौड़ीकरण आवश्यक माना गया है।
परियोजना के अंतर्गत झिरनिया और झगरिया खुर्द क्षेत्रों में भी लगभग 70 हजार पौधे लगाए जाएंगे। पौधों के संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी आगामी 15 वर्षों तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निभाई जाएगी, जिसके लिए लगभग 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि परियोजना के दौरान भोपाल की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए नगर निगम और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बीच समन्वय स्थापित कर चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई है।
