इछावर। नगर में हुई पहली बारिश के बाद सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद के दावों पर सवाल खड़े होने लगे हैं. हल्की बारिश के बाद कई क्षेत्रों में नालियों का गंदा पानी और कीचड़ सड़कों पर फैल गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. बारिश के बाद सामने आए हालात ने नगर की स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है.
नगर के विभिन्न हिस्सों में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के आरोप लंबे समय से लगाए जा रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर नालियां कचरे और गाद से भरी हुई हैं, जिसके कारण बारिश का पानी सुचारू रूप से नहीं निकल पा रहा है. नतीजतन हल्की बारिश होते ही नालियों का गंदा पानी सड़कों पर आ गया और कई जगहों पर कीचड़ जमा हो गया.
नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा स्वच्छता के लिए बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग नजर आती है. लोगों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में नियमित सफाई नहीं हो रही है, जबकि कुछ स्थानों पर कचरे के ढेर भी देखे जा सकते हैं. इससे न केवल बदबू की समस्या बढ़ रही है, बल्कि संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बनी हुई है.
बारिश के बाद सामने आए हालात को लेकर नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है. उनका कहना है कि यदि पहली ही बारिश में यह स्थिति बन गई है, तो आगामी दिनों में होने वाली तेज बारिश के दौरान समस्याएं और बढ़ सकती हैं. ऐसे में जरूरी है कि अधिकारी मौके पर स्थिति का जायजा लें व सुधारात्मक कदम उठाएं, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके और नगर में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाई जा सके.
नाले की सफाई को लेकर पार्षद के नेतृत्व में धरना कल
नगर परिषद द्वारा नाले की सफाई में कथित खानापूर्ति और अधूरे निर्माण कार्यों के विरोध में गुरुवार को धरना प्रदर्शन किया जाएगा. प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से पान चौराहा रोड पिंजारपुरा में होगा. वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद जुनैद खान सोनू का कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर नगर परिषद को कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. नाले की सफाई केवल कागजों में दिखाई गई है, जबकि मौके पर अब भी गंदगी और अवरोध बने हुए हैं. निर्माण कार्य भी अधूरे पड़े हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
