
इंदौर:चोइथराम स्कूल के दसवीं और बारहवीं कक्षा के कुछ छात्र मंगलवार को अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. छात्रों का आरोप है कि चोइथराम स्कूल पहले एमपी बोर्ड से संबद्ध था, लेकिन अब उसने सीबीएसई की मान्यता प्राप्त कर ली है.छात्रों ने शिकायत में बताया कि स्कूल प्रबंधन उन पर दूसरे स्कूलों में प्रवेश लेने का दबाव बना रहा है. उनका कहना है कि स्कूल प्रशासन यह कह रहा है कि अब संस्थान पूरी तरह सीबीएसई पैटर्न पर संचालित होगा, इसलिए एमपी बोर्ड के छात्रों को अन्य स्कूलों में प्रवेश ले लेना चाहिए.
इसके लिए स्कूल द्वारा दूसरे स्कूलों के विकल्प भी बताए जा रहे हैं. स्कूल ने एमपी बोर्ड के डायस (डीआईएसई) का उपयोग सीबीएसई मान्यता के लिए किया है, जिसके बाद अब यह डायस एमपी बोर्ड के लिए मान्य नहीं रहा. मामले में जिला शिक्षा अधिकारी शांत स्वामी ने बताया कि छात्रों की शिकायत प्राप्त हुई है. उन्होंने कहा कि चोइथराम स्कूल द्वारा इस संबंध में न तो अभिभावकों को कोई सूचना दी गई है और न ही जिला शिक्षा कार्यालय को इसकी जानकारी उपलब्ध कराई गई है. यदि स्कूल ने बोर्ड परिवर्तन किया है तो इसकी विधिवत जानकारी विभाग और अभिभावकों को देना आवश्यक है.
छात्रों के हित प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे
डीईओ ने कहा कि किसी भी स्थिति में छात्रों के हित प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे. उन्होंने निर्देश दिए हैं कि वर्तमान में अध्ययनरत छात्रों को उनकी शिक्षा जारी रखने के लिए उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए. साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि स्कूल द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया और बोर्ड परिवर्तन से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी.
नियमानुसार कार्रवाई होगी
शांत स्वामी ने बताया कि यह भी देखा जाएगा कि स्कूल ने नियमों के तहत आवश्यक सूचनाएं दी थीं या नहीं. जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो दस्तावेजों के आधार पर चोइथराम स्कूल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.
