
रीवा। शहर के समान थाना क्षेत्र में संचालित बाल संप्रेषण गृह से सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर छह बच्चों के भागने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि सभी बच्चे बाथरूम की खिड़की का कांच तोड़कर वहां से रफूचक्कर हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और फरार बच्चों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें लगा दी गई हैं।
समान थाना प्रभारी विजय सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि बाल संप्रेषण गृह से 6 बच्चे बाथरूम की खिड़की का कांच तोड़कर भाग निकले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। पुलिस की टीमें फरार बच्चों के संभावित ठिकानों और रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं, नहीं जागे जिम्मेदार
यह कोई पहली बार नहीं है जब इस बाल संप्रेषण गृह से बच्चे भागे हों। इससे पहले भी यहाँ से बच्चों के फरार होने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बार-बार होने वाली इन वारदातों के बावजूद प्रबंधन और विभाग द्वारा सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, जिसका नतीजा आज एक बार फिर सबके सामने है।
सुरक्षा में बरती गई गंभीर लापरवाही
भागने वाले सभी बच्चे अलग-अलग मामलों में यहां लाए गए थे। कानूनन इन्हें यहां सजा देने के लिए नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास के उद्देश्य से रखा गया था ताकि इन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। इस घटना के बाद माना यह जा रहा है कि बाल सम्प्रेक्षण गृह की लचर सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही प्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया गया है कि बच्चों को यहां मुख्यधारा से जोड़ने और उनमें सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लाया जाता है। खिड़कियों और दरवाजों के मजबूती की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। गौर करने वाली बात यह है कि बार-बार ऐसी पुनरावृत्ति होना यह दर्शाता है कि सुरक्षा ड्यूटी में कहीं न कहीं गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। फिलहाल पुलिस प्रशासन बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के प्रयास में जुटा है, लेकिन इस घटना ने महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
