
सिंगोली। नगर में सोमवार देर रात करीब 12 बजे सिंगोली में एक जर्जर मकान की चौथी मंजिल का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। लाल पत्थरों की पट्टियां टूटकर नीचे गिरीं, जिससे वह कमरा पूरी तरह मलबे में बदल गया, जहां निलेश जैन और उनकी मां सोसरबाई सो रहे थे।
दूसरे कमरे में सो रहे निलेश के भाई रवि जैन सुरक्षित बच गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन सोसरबाई की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल निलेश को कोटा रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय नागरिक, सिंगोली पुलिस, 112 डायल टीम और नगर परिषद के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। बचाव दल ने मलबे को हटाकर मां-बेटे को बाहर निकाला।
अधिकारियों की लापरवाही से नहीं मिला पक्का मकान
निलेश अखबार बांटने का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, जबकि उनके भाई रवि एक होटल में कार्यरत हैं। परिजनों और मोहल्लेवासियों का दावा है कि परिवार लंबे समय से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान की मांग कर रहा था और जर्जर भवन में रहने की मजबूरी से अधिकारियों को अवगत भी कराया गया था।
हालांकि नगर परिषद का कहना है कि परिवार की ओर से आवास योजना के लिए कोई आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया था। वहीं स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाए हैं कि बारिश से पहले जर्जर भवनों का सर्वे कर कार्रवाई की जाती है, लेकिन इस मकान का सर्वे नहीं किया गया।
परिजनों बोले-अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को राजस्व पुस्तक परिपत्र के तहत 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि तथा मकान क्षति के लिए 1 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। कुल 9 लाख रुपए की यह आर्थिक सहायता राहत तो देगी, लेकिन घटना ने आवास योजनाओं की पहुंच, जर्जर भवनों की निगरानी और समय पर कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि सिंगोली नगर परिषद लंबे समय से नियमित मुख्य नगरपालिका अधिकारी के बिना चल रही है। वर्तमान में इसका प्रभार एक उपयंत्री के पास है, जिससे आम जनता के आवश्यक कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
पीडि़त परिवार को 9 लाख रुपए की सहायता
प्रशासन ने इस घटना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पीडि़त परिवार के वारिस रवि पिता प्रभु लाल जैन निवासी सिंगोली को आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। राजस्व पुस्तक परिपत्र भाग 6/4 के तहत कुल 9 लाख रुपए की सहायता का प्रकरण तैयार किया गया है।
एसडीएम श्रीमती प्रीति संघवी नाहर ने बताया कि सिंगोली में गत रात्रि मकान की छत गिरने से मां सोसर बाई और बेटे नीलेश की मौत हो गई थी। प्रशासन की ओर से राजस्व पुस्तक परिपत्र भाग 6(4) के तहत दो पीडि़तों की मौत के लिए 8 लाख रुपए और मकान क्षतिग्रस्त होने के लिए 1 लाख रुपए, इस तरह कुल 9 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की जा रही है।
तहसीलदार बोले- नियमानुसार हर संभव सहायता की जाएगी
इस मामले में तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल ने बताया कि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक मां और बेटे के परिजनों को ‘संबल योजना’ के तहत 5-5 हजार रुपए की अंत्येष्टि सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार परिवार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना (क्करू्रङ्घ 1.0) की सूची में शामिल नहीं था और क्करू्रङ्घ 2.0 के तहत भी कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। तहसीलदार ने आश्वस्त किया कि प्रभावित परिवार को नियमानुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
