
सीहोर। भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे जिलेवासियों को सोमवार को मौसम ने बड़ी राहत दी। सुबह तक तीखी धूप और गर्म हवाओं से लोग परेशान रहे, लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई. जिला मुख्यालय सहित आष्टा, भैरूंदा, इछावर, अमलाहा और आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश ने नौतपा की तपिश को काफी हद तक शांत कर दिया. बारिश के चलते दिन के अधिकतम तापमान में सीधे 5.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई.
सोमवार को दोपहर करीब 12.30 बजे के बाद आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया. रुक-रुककर करीब दो घंटे तक तेज बारिश होती रही, जिसके बाद देर शाम तक रिमझिम वर्षा का सिलसिला जारी रहा. मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली और वातावरण पूरी तरह खुशनुमा हो गया.
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस था. यानी दिन के तापमान में 5.5 डिग्री की गिरावट और रात के तापमान में 2.5 डिग्री बढ़ोतरी दर्ज की गई.
आरएके कृषि महाविद्यालय स्थित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र सिंह तोमर ने बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आई नमी के कारण जिले में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हुई हैं. यही वजह है कि तापमान में गिरावट और वर्षा की स्थिति बनी है. उन्होंने बताया कि यदि मानसून की वर्तमान गति बनी रहती है तो 15 से 20 जून के बीच मध्य प्रदेश में मानसून प्रवेश कर सकता है, जबकि जिले में 20 से 22 जून के बीच इसके सक्रिय होने की संभावना है. तब तक रुक-रुककर प्री-मानसून वर्षा होती रहेगी. इधर शहर के चाणक्यपुरी क्षेत्र स्थित सेंट एन्स स्कूल के पास एक बिजली डीपी के खंभे में करंट फैलने से दो बकरियों की मौत हो गई. करंट की चपेट में आने से दोनों बकरियां मौके पर ही दम तोड़ गईं. सूचना मिलने पर बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर बिजली सप्लाई बंद कर डीपी की मरम्मत की गई.
तेज हवाओं के चलते हाईवे पर रैंगते नजर आए वाहन
बारिश के साथ चली तेज आंधी का असर कई इलाकों में देखने को मिला. आष्टा-अमलाहा क्षेत्र में करीब 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं. अमलाहा में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई. तेज हवाओं के कारण सड़क किनारे खड़े कई पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर आ गिरीं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ. भोपाल-इंदौर हाईवे पर भी कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं. नतीजतन वाहन रेंगते नजर आए. इसी तरह काहिरी रोड पर एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. ग्रामीणों ने पेड़ को काटकर रास्ता साफ किया, तब आवागमन सामान्य हो सका. कई स्थानों पर कच्चे मकानों की चादरें और खपरैल भी उडऩे की सूचना मिली है.
नौतपा खंडित होने से शुरू हुआ अटकलों का दौर
प्री मानसून बारिश के बाद नौतपा के खंडित होने की चर्चा भी शुरू हो गई है. मौसम जानकारों के अनुसार इस बार नौतपा के दौरान बारिश होने से पारंपरिक मान्यताओं के आधार पर मानसून के कमजोर रहने की आशंका जताई जा रही है. मान्यता है कि रोहिणी नक्षत्र के दौरान होने वाली तेज गर्मी मानसून को मजबूती देती है, जबकि इस अवधि में बारिश होने पर मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है. हालांकि वैज्ञानिक रूप से मानसून की स्थिति आगामी दिनों के मौसमीय कारकों पर निर्भर करेगी. फिलहाल नौतपा खंडित होने से चर्चाओंं का दौर बना हुआ है.
