
राजगढ़। भीषण गर्मी के बीच पेयजल व्यवस्था सुधारने और अवैध टिल्लू पंपों पर कार्रवाई करने पहुंची जल निगम की टीम को ग्राम रोज़ड़ खुर्द में ग्रामीणों के विरोध का शिकार हो गई. कार्रवाई के दौरान हंगामा इतना बढ़ गया कि टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज, बदसलूकी और झूमाझटकी तक की नौबत आ गई. घटना के बाद जल निगम अमले में दहशत का माहौल बन गया और टीम को बीच कार्रवाई
से लौटना पड़ा. जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत गोरखपुरा के अनुरोध पर जल निगम की टीम रोजड़ खुर्द पहुंची थी. गांव में लंबे समय से अवैध टिल्लू पंप लगाकर पेयजल सप्लाई लाइन से पानी खींचे जाने की शिकायतें मिल रही थी. इससे दर्जनों परिवारों तक पर्याप्त प्रेशर से गांव के अंतिम छोर पर रहने वाले पानी नहीं पहुंच पा रहा था.
बताया जा रहा है कि गांव में पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से पेयजल सप्लाई दी जा रही है, लेकिन बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं द्वारा अब तक जल कर जमा नहीं कराया गया है. सरपंच द्वारा जल निगम राजगढ़ के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग किए जाने के बाद शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे जल निगम की टीम गांव पहुंची. टीम ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए अवैध मोटरों को
की. इस दौरान करीब 10 मोटरें हटाने और जब्ती की कार्रवाई शुरू जब्त की गई.
इसी बीच गांव के श्याम पुत्र रामचंद्र चौहान ने कथित रूप से कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया. आरोप है कि उसने टीम में शामिल एई प्रमोद पुष्पद, एएम देव मेवाड़े, वॉटर सप्लाई मैनेजर पवन तोमर, कॉन्ट्रेक्टर फर्म के पीएम अशोक विश्नोई और सुपरवाइजर मांगीलाल के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी. देखते ही देखते अन्य ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए
और टीम के साथ झूमाझटकी एवं बदसलूकी करने लगे. स्थिति तनावपूर्ण होने पर कर्मचारियों ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी. घटना के बाद जल निगम टीम ने कार्रवाई रोक दी और राजगढ़ पहुंचकर प्रशासन को पूरे मामले से अवगत कराया. कर्मचारियों का कहना है कि यदि कार्रवाई करने पहुंचे अमले के साथ इसी तरह का व्यवहार होता रहा तो फील्ड में काम करना मुश्किल हो जाएगा.
एसडीएम को सौंपा आवेदन, गिरफ्तारी की मांग
घटना के बाद जल निगम अधिकारियों ने एसडीएम श्रीमती निधि भारद्वाज को आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की मांग की है. आवेदन में आरोपी की गिरफ्तारी कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा जेल भेजने का अनुरोध किया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि पेयजल चोरी रोकने और जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान में इस प्रकार की घटनाएं गंभीर बाधा बन रही हैं.
आए दिन पेयजल प्रेशर की समस्या के कारण मोटरों पर कार्रवाई करने और जल वसूली पर जाने वाले अमले के साथ इस तरह की बदसलूकी की जाती है. ऐसे में भीषण गर्मी में पानी की बर्बादी रोकना और जल कर
वसूलना बेहद मुश्किल हो रहा है. उमाकांत चौधरी, महाप्रबंधक, मप्र जल निगम, राजगढ़
हमें आवेदन प्राप्त हुआ है. मामले की जांच की जा रही है. जो भी जांच में सामने आए उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
निधि भारद्वाज, एसडीएम राजगढ़
