नयी दिल्ली, 29 मई (वार्ता) प्रमुख विमान सेवा कंपनी इंडिगो को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में समेकित आधार पर 2,537 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इंडिगो के निदेशक मंडल की शुक्रवार को हुई बैठक में वित्तीय परिणामों को मंजूरी प्रदान की गयी। विदेशी मुद्रा विनिमय के प्रभाव और विशेष मदों को छोड़ दें तो कंपनी ने चौथी तिमाही में 1,921 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में कंपनी ने 3,068 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। मुद्रा विनिमय और विशेष मदों को छोड़कर उसका शुद्ध लाभ 2,981 करोड़ रुपये रहा था।
एयरलाइंस की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मार्च में पश्चिम संकट के कारण सेवाएं बाधित रहने का बावजूद उसकी उपलब्ध क्षमता सालाना 3.4 प्रतिशत बढ़कर 43.6 अरब सीट-किलोमीटर पर पहुंच गयी। यात्रियों की संख्या 1.1 प्रतिशत घटकर 3.16 करोड़ रह गयी।
परिचालन से कंपनी को प्राप्त तिमाही राजस्व 1.3 प्रतिशत बढ़कर 22,438 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
एक साल पहले के मुकाबले चौथी तिमाही में विमान ईंधन की औसत लागत 1.53 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति सीट रही, जो सालाना 4.8 प्रतिशत कम है। दूसरी तरफ अन्य मदों में खर्च 7.3 प्रतिशत बढ़कर 3.15 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति सीट पहुंच गया। प्रति सीटी प्रति किलोमीटर कमाई 2.2 फीसदी घटकर 5.20 रुपये रही।
पूरे वित्त वर्ष को दौरान कंपनी को 2,394 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें मुद्रा विनिमय के नुकसान और विशेष मदों को हटा देने पर उसे 7,503 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है।
इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में परिचालन की परिस्थितियां विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रहीं, जिससे कंपनी की मुनाफा कमाने की क्षमता प्रभावित हुई। इसके बावजूद कुल मिलाकर परिचालन मजबूत रहा। वित्त वर्ष में सीट-किलोमीटर उपरलब्धता 9.5 प्रतिशत और कुल आय छह प्रतिशत बढ़ी।
