कटनी: ग्राम पंचायत पौंसरा में सरपंच अनिरुद्ध पांडे के खिलाफ ग्रामीणों ने शासकीय भूमि पर कब्जा, सड़क अवरुद्ध करने और प्रशासनिक दबाव बनाकर निजी हित साधने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत और जनसुनवाई में आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत पौंसरा के टोला जमोड़ी में लगभग 50 वर्ष पूर्व निर्मित शासकीय सीसी रोड पर सरपंच द्वारा बड़े-बड़े पत्थर रखकर रास्ता बंद कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और बड़े वाहन अब उस मार्ग से नहीं निकल पा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर सरपंच ने कथित रूप से कहा कि “यह रोड मेरी है, जहां शिकायत करनी है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
इस संबंध में ग्रामीणों ने कलेक्टर कटनी को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर मार्ग तत्काल खुलवाने की मांग की थी। शिकायतकर्ताओं में सुरेश कुमार, आनंद, नंदनी, प्रेमलाल, नीरज, उमेश कोरी, राजेश, संजय कोल, कमला, कृष्णकुमार, लक्ष्मण, अक्षय कोल सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। उनका आरोप है कि पंचायत स्तर पर शासकीय योजनाओं में भी मनमानी की जा रही है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
ग्रामीणों ने सरपंच पर भूमि कब्जे की पुरानी साजिश का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्ष 2012 में अनिरुद्ध पांडे ने निजी भूमि पर कब्जे का प्रयास किया था, जिसमें न्यायालय से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद सरपंच बनने पर कथित रूप से उसी भूमि से रास्ता निकालने का प्रस्ताव पंचायत से पारित कराया गया, ताकि कब्जे को वैध रूप दिया जा सके।भूमि स्वामी मिन्नूलाल चक्रवर्ती ने बताया कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई थी। उनका आरोप है कि एक वर्ष पूर्व उनकी पत्नी के साथ भी मारपीट की गई, जिसमें उसका हाथ टूट गया था। इस मामले में पुलिस में प्रकरण दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
शालेय भूमि पर निर्माण के आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के सरकारी स्कूल के लिए वर्ष 2013 में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सुरक्षित की गई लगभग सात डिसमिल भूमि पर भी पांडे परिवार द्वारा पक्का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्माण सरपंच के कार्यकाल में हुआ, लेकिन अब तक किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जमोड़ी टोला से बाम चौरा जाने वाले शासकीय मार्ग को तत्काल खुलवाया जाए, शालेय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि गांव में न्याय और शांति कायम हो सके।
