वॉशिंगटन, 29 मई (वार्ता) अमेरिका-ईरान के वार्ताकारों के बीच एक समझौता पत्र (एमओयू) पर सहमति बन गयी है। रिपोर्टों के अनुसार, लेकिन दोनों ओर से अभी अंतिम सहमति मिलनी बाकी है। चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, ह्वाइट हाउस ने इस बात की पुष्टि की है कि इस समझौते से मौजूदा युद्धविराम 60 दिन के लिए और बढ़ जायेगा। इस दौरान दोनों पक्ष ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने को लेकर बातचीत करेंगे। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अभी एमओयू पर हस्ताक्षर करने बाकी है। रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि श्री ट्रंप एमओयू को मंजूरी देने से पहले इस पर विचार करने के लिए कुछ दिनों का समय चाहते है। मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल देशों में से एक के राजनयिक ने ‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ को बताया कि चैनल 12 की रिपोर्ट में बातचीत की स्थिति को गलत तरीके से पेश किया गया है और अभी ईरान की तरफ से भी अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने तेहरान की वार्ताकार टीम के करीबी सूत्र के हवाले से इस बात से इनकार किया है कि ईरान की तरफ इसे अंतिम मंजूरी मिली है। सूत्र ने दावा किया है कि समझौते के मसौदे को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है और मंजूरी मिलने की स्थिति में ईरान इसकी सार्वजनिक रूप से घोषणा करेगा। इजरायल ने गुरुवार के इन घटनाक्रमों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की, लेकिन चैनल 12 ने वरिष्ठ इजरायली सूत्रों के हवाले से कहा कि उसे ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इन शर्तों को मंजूरी दे दी है। इसलिए अभी ट्रंप के पास मंजूरी देने के लिए कुछ नहीं है।
यहां तक कि चैनल 12 ने भी काफी सतर्कता के साथ रिपोर्ट लिखी है। इसमें पहले एक ‘बेहद वरिष्ठ अमेरिकी सूत्र’ के हवाले से कहा गया है कि ईरान के नेतृत्व के ‘सभी स्तरों’ ने एमओयू की शर्तों पर सहमति दे दी है, लेकिन बाद में यह स्पष्ट किया गया है कि ‘हमें देखना होगा’ कि क्या श्री खामेनेई ने वाकई इसे मंजूरी दी है या नहीं। यह साफ नहीं है कि ह्वाइट हाउस ने ईरान पर सहमति बनाने का दबाव डालने के लिए एक्सियोस की रिपोर्ट की पुष्टि करने का फैसला किया है या फिर ईरान ने वास्तव में निजी तौर पर इस समझौता पत्र को अपनी मंजूरी दे दी है, लेकिन वह तब तक सार्वजनिक घोषणा करने से बच रहा है, जब तक कि श्री ट्रंप खुद इसकी आधिकारिक मंजूरी नहीं दे देते।
उपराष्ट्रपति जेडी वांस गुरुवार को बाद में ने पत्रकारों को बताया कि अमेरिका अभी ईरान के साथ ‘अंतिम सहमति तक नहीं पहुंचा है’, लेकिन दोनों पक्ष समझौते के काफी करीब हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसी स्थिति में है, जहां से वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को काफी हद तक पीछे धकेल सकता है। श्री वांस ने कहा, “हमने काफी प्रगति की है।” उन्होंने यह दावा भी किया, “यह बिल्कुल साफ है कि ईरानी समझौता चाहते हैं। वे होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना चाहते हैं और हम भी चाहते हैं कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य खोलें।” उन्होंने स्वीकार किया कि परमाणु विषय से जुड़े ‘कुछ मुद्दे बाकी हैं’ जिसमें अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का भंडार और उसके संवर्धन का सवाल। उन्होंने कहा, “इसलिए हमारे बीच उनके साथ बातचीत का दौर चल रहा है। हम यह मानते हैं कि वे, कम से कम अब तक नेक नीयती से बातचीत कर रहे हैं। हम कुछ प्रगति कर रहे हैं। उम्मीद है कि हम आगे भी प्रगति करना जारी रखेंगे और राष्ट्रपति इस स्थिति में होंगे, जहां वे समझौते का समर्थन कर सकें, लेकिन जाहिर तौर पर यह अभी होना बाकी है।” एक्सियोस की ‘होर्मुज फिर से खुला, परमाणु वार्ता शुरू’ ह्वाइट हाउस की पुष्ट की गयी इस रिपोर्ट में एमओयू के जो ब्योरे दिये गये हैं, वे काफी हद तक उसी तरह के हैं, जो इस हफ्ते की शुरुआत में तब लीक हुए थे, जब रविवार को श्री ट्रंप ने घोषणा की थी कि समझौता लगभग पूरा हो चुका है।

