सीधी: जिले के सेमरिया थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पोंडी में गुरुवार सुबह 10 बजे इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई, जहां 55 वर्षीय राजवंती जायसवाल की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। 7 साल बाद जेल से लौटे शख्स ने महिला की हत्या की। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया।आक्रोशित परिजनों ने चक्काजाम कर दिया। उनकी मांग थी की मुख्य आरोपी को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया लेकिन राजवंती जायसवाल को पकड़ कर मारपीट कराने वाली आरोपी की पत्नी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है।
पुलिस के कार्रवाई के आश्वासन के बाद चक्काजाम समाप्त किया गया। मर्डर का आरोप गांव के ही रामसजीवन विश्वकर्मा उर्फ कदे और उसकी पत्नी सुशीला विश्वकर्मा पर लगा है। मिली जानकारी के अनुसार घटना गुरुवार सुबह करीब 10 बजे की है। बताया जा रहा है कि राजवंती जायसवाल दवाई कराने के लिए जा रही थीं, तभी आरोपी रामसजीवन विश्वकर्मा अचानक उन पर टूट पड़ा और डंडे से सिर एवं गले पर ताबड़तोड़ वार करने लगा। वही मृतका के परिजनों का आरोप है कि इस दौरान आरोपी की पत्नी सुशीला विश्वकर्मा ने राजवंती को पकड़ रखा था, जिससे वह खुद को बचा नहीं सकीं। गंभीर चोटों के कारण महिला की हालत बिगड़ गई और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां सुबह करीब 11 बजे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
तीन महीने पहले आरोपी की पत्नी से हुआ था विवाद-
वही मृतका के बेटे अशोक जायसवाल ने बताया है कि करीब तीन महीने पहले उसकी मां और आरोपी महिला सुशीला विश्वकर्मा के बीच बातचीत को लेकर विवाद हुआ था। जहां उसी रंजिश में आरोपियों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। अशोक का आरोप है कि सुशीला ने अपने पति को उकसाकर उसकी मां की हत्या भी करवाई है। इस घटना की सूचना मिलते ही सेमरिया पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा । पुलिस ने मुख्य आरोपी रामसजीवन विश्वकर्मा उर्फ कदे को गिरफ्तार भी कर लिया है। हालांकि आरोपी की पत्नी की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा भड़क उठा।
सीधी-हनुमानगढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम-
दोपहर करीब 2 बजे से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने सीधी-हनुमानगढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और प्रदर्शनकारी एक ही मांग पर अड़े रहे कि महिला आरोपी को भी तत्काल गिरफ्तार किया जाए। वही ग्रामीणों ने बताया है कि आरोपी रामसजीवन विश्वकर्मा पहले भी अपने ही भाई की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। वह करीब सात साल की सजा काटकर एक महीने पहले ही गांव लौटा था और अब फिर हत्या की वारदात से इलाके को दहला दिया।
इनका कहना है-
फिलहाल यह माना जा रहा है कि पुरानी रंजिश के कारण हत्या की गई है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया है। वहीं प्रदर्शन कारियों को भी समझाइश दी गई है कि पूरे मामले की विधिवत जांच होगी इसमें और जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। पुलिस के कार्रवाई के आश्वासन के बाद चक्काजाम आंदोलन समाप्त हुआ।
केदार परौहा, थाना प्रभारी सेमरिया
