नयी दिल्ली, 27 मई (वार्ता) दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन अब ‘डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल मेट्रो स्टेशन’ कहलाएगा तथा बेगमपुर में निर्माणाधीन खेल परिसर का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम ‘अटल खेल परिसर’ रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री राज्य नामकरण प्राधिकरण (एसएनए) की अध्यक्ष भी हैं।उनकी अध्यक्षता में हाल ही में आयोजित बैठक में इन प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव, शहरी विकास विभाग के सचिव, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के निदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बेगमपुर (रोहिणी के सेक्टर-33) स्थित नव-निर्मित खेल परिसर के नामकरण का प्रस्ताव भी रखा गया। अथॉरिटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस परिसर का नाम ‘अटल खेल परिसर’ रखा जाएगा। इसके अलावा, परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन के नाम परिवर्तन के प्रस्ताव पर भी विचार हुआ। अथॉरिटी ने निर्णय लिया कि रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल मेट्रो स्टेशन’ किया जाएगा। साथ ही, यात्रियों की सुविधा और स्टेशन की पहचान को अधिक स्पष्ट बनाने के उद्देश्य से रोहिणी ईस्ट मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘रोहिणी मेट्रो स्टेशन’ किए जाने को भी मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि ज्वालापुरी में निर्माणाधीन अस्पताल का नाम ‘बाबा रामदेवजी महाराज अस्पताल’ रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की। मुख्यमंत्री के अनुसार बैठक में द्वारका मेट्रो स्टेशन के नाम में क्षेत्र की स्थानीय पहचान को शामिल करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। अथॉरिटी ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए स्टेशन का नया नाम ‘द्वारका-ककरोला मेट्रो स्टेशन’ करने का निर्णय लिया। इस निर्णय का उद्देश्य क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक पहचान को अधिक स्पष्ट रूप से स्थापित करना है। बैठक में ब्रिटानिया चौक (शकूरपुर स्थित) का नाम बदलकर ‘अश्विनी चोपड़ा (मिन्ना) चौक’ करने के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।
श्रीमती गुप्ता ने कहा कि दिल्ली केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक चेतना का भी प्रतिनिधित्व करती है। राजधानी के महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों और संस्थानों के नामकरण के माध्यम से समाज को प्रेरित करने वाले व्यक्तित्वों, स्थानीय पहचान और राष्ट्रीय मूल्यों को सम्मान देना सरकार की जिम्मेदारी है।
