नयी दिल्ली, 27 मई (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़े पैमाने पर अवैध आईपीएल क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट और उससे अवैध कमाई को वैध बनाने के सिलसिले में असम के गुवाहाटी और तिनसुकिया के साथ-साथ नयी दिल्ली में कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया।
ईडी के गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय ने बुधवार को कहा कि उसने 26 मई को दिल्ली और असम के कई स्थानों पर रात भर तलाशी अभियान चलाया।
एजेंसी ने बताया कि उसने भारतीय दंड संहिता, 1860 और असम खेल एवं सट्टेबाजी अधिनियम, 1970 की विभिन्न धाराओं के तहत गुवाहाटी के क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन द्वारा दीपेश बाजोरिया, रोनक बाजोरिया, राजेश जैन और अन्य के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। इसके बाद गत 30 मार्च को शिकायत में एक परिशिष्ट दर्ज किया गया, जिसमें तिनसुकिया पुलिस स्टेशन द्वारा विकास बेरिया, नितिन बेरिया, सुप्रित बिस्वास और अन्य के खिलाफ दर्ज दो अतिरिक्त प्राथमिकियों को शामिल किया गया। यह मामला कथित तौर पर आपस में जुड़े एक सिंडिकेट द्वारा चलाए जा रहे इसी तरह के अवैध आईपीएल सट्टेबाजी संचालन से संबंधित था।
ईडी के अनुसार, जांच से पता चला है कि आरोपी व्यक्ति कथित तौर पर आईपीएल क्रिकेट मैचों पर व्यवस्थित एवं तकनीकी रूप से सक्षम अवैध सट्टेबाजी और जुआ रैकेट चला रहे थे।
एजेंसी ने बताया कि कथित तौर पर व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के साथ-साथ विदेशी ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म का उपयोग करके मोबाइल फोन के माध्यम से दांव मांगे, स्वीकार और तय किए जा रहे थे।
सट्टेबाजी से मिलने वाली राशि कथित तौर पर नकद और यूपीआई तथा बैंक ट्रांसफर सहित डिजिटल चैनलों के माध्यम से प्राप्त और वितरित की जा रही थी। इसके बाद गुवाहाटी, तिनसुकिया और दिल्ली में फैले परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के एक नेटवर्क के माध्यम से इसे घुमाया जा रहा था और बेदाग संपत्ति के रूप में पेश किया जा रहा था।
गुवाहाटी में ‘रॉयसी’ (जिसे पहले ‘प्लेबॉय’ के नाम से जाना जाता था) नाम से चल रहे एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान के साथ-साथ दीपेश बाजोरिया, रोनक बाजोरिया, राजेश जैन, विकास अग्रवाल, सुप्रित बिस्वास, विकास बेरिया, नितिन बेरिया और दुर्गा प्रसाद बेरिया के आवासीय परिसरों पर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान, ईडी ने मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज मीडिया सहित कई आपत्तिजनक डिजिटल उपकरण बरामद और जब्त किए, जिनमें कथित तौर पर सट्टेबाजी के लेन-देन के रिकॉर्ड, सटोरियों और एजेंटों के साथ कोड वाले संदेश और अपराध की कमाई की आवाजाही से जुड़े डिजिटल सबूत शामिल थे।
एजेंसी ने तलाशी वाले परिसरों से 13 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी भी जब्त की। इसके अलावा, तीन महंगी गाड़ियां — एक मर्सिडीज-बेंज कार, एक एमजी हेक्टर और एक टोयोटा फॉर्च्यूनर — जिन्हें अपराध की कमाई से खरीदे जाने का संदेह है, अभियान के दौरान जब्त की गईं।
ईडी ने कहा कि कथित तौर पर अवैध आईपीएल सट्टेबाजी गतिविधियों और अपराध की कमाई को भेजने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है ताकि धन की आगे की आवाजाही को रोका जा सके। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
