सुरेश पाण्डेय
पन्ना: ग्राम पंचायत बीहरपुरवा में कुएं के हादसे में जान गंवाने वाले पांच मजदूरों का बुधवार शाम एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के श्मशान घाट पर जब पांच चिताएं एक साथ जलीं तो पूरा माहौल गमगीन हो उठा। परिजनों की चीख-पुकार और ग्रामीणों की नम आंखों के बीच पूरे गांव में मातम पसरा रहा।
इधर,पांच मजदूरों की मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश दूसरे दिन भी जारी रहा। परिजनों ने आरोप लगाया कि मामले में केवल पंचायत प्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि निर्माण कार्य से जुड़े तकनीकी अधिकारी और जनपद पंचायत का अमला कार्रवाई से बचाया जा रहा है। इसी मांग को लेकर बुधवार सुबह ग्रामीणों ने माधवगंज चौराहे पर चक्काजाम कर दिया।
ग्रामीणों और परिजनों की मांग थी कि मामले में संबंधित उपयंत्री, एसडीओ और जनपद पंचायत के सीईओ के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा मृतक मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शन के दौरान पन्ना-बांदा मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब एक घंटे तक चले चक्काजाम के बाद तहसीलदार सुरेंद्र कुमार और थाना प्रभारी हरि सिंह ठाकुर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर स्थिति को शांत कराया और यातायात बहाल कराया।
इसके बाद भी ग्रामीणों का गुस्सा कम नहीं हुआ। दोपहर करीब 12 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंच गए और दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने तथा रिपोर्ट की प्रति देने की मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने सरपंच सरोज पटेल, संतोष पटेल और रामबाबू पटेल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। रिपोर्ट की प्रति मिलने के बाद ही परिजन शव लेने के लिए तैयार हुए।
इधर गांव में इस बात को लेकर भी चर्चाएं रहीं कि जिस कुएं के निर्माण के दौरान हादसा हुआ, उसका काम कागजों में पहले ही पूरा दर्शाया जा चुका था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
शाम को पांचों मृत मजदूरों का अंतिम संस्कार गांव में ही किया गया। शवों को एंबुलेंस से गांव पहुंचाया गया। मृतक चुन्नू यादव के परिजन मुंबई से गांव पहुंचे, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। जब एक साथ पांच चिताएं जलीं तो पूरा गांव शोक में डूब गया। परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल था तथा पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल बना रहा।
अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्रीय सांसद, विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी मंत्री इंदर सिंह, कलेक्टर उषा परमार, पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू, एसडीएम संजय नागवंशी, तहसीलदार सुरेंद्र कुमार सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
