भोपाल: राजधानी भोपाल को जल प्रबंधन और नदी परियोजनाओं के राष्ट्रीय स्तर के केंद्र के रूप में मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) ने लखनऊ में संचालित अपने दो महत्वपूर्ण कार्यालयों को भोपाल स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में अभिकरण मुख्यालय द्वारा औपचारिक आदेश जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार मुख्य अभियंता (उत्तर) कार्यालय और इन्वेस्टिगेशन डिवीजन (आईडी) कार्यालय अब भोपाल से संचालित किए जाएंगे। इन दोनों इकाइयों की जिम्मेदारी विभिन्न जल संसाधन परियोजनाओं की तकनीकी निगरानी, सर्वेक्षण, योजना निर्माण और अंतरराज्यीय जल प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की होती है।
माना जा रहा है कि इन कार्यालयों के भोपाल आने से राजधानी की प्रशासनिक और तकनीकी भूमिका और अधिक बढ़ेगी। इससे न केवल जल संसाधन क्षेत्र में समन्वय मजबूत होगा, बल्कि विभिन्न परियोजनाओं की मॉनिटरिंग और निर्णय प्रक्रिया में भी तेजी आने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि देश के मध्य में स्थित होने के कारण भोपाल रणनीतिक रूप से भी बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
कार्यालयों के स्थानांतरण के बाद यहां तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और प्रशासनिक गतिविधियों में भी असर दिखाई दे सकता है। साथ ही जल संरक्षण, नदी जोड़ो परियोजनाओं और सर्वे कार्यों से संबंधित बैठकों एवं समन्वय गतिविधियों का दायरा भी भोपाल में बढ़ने की उम्मीद है।
एनडब्ल्यूडीए देश में जल संसाधनों के संतुलित उपयोग, नदी जोड़ो योजनाओं और जल उपलब्धता के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए प्रमुख एजेंसी मानी जाती है। ऐसे में उसके महत्वपूर्ण कार्यालयों का भोपाल स्थानांतरण राजधानी के लिए प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
