नई दिल्ली | सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल कंपनी ओएनजीसी ने अपने परिपक्व पश्चिमी अपतटीय तेल क्षेत्रों से उत्पादन में वृद्धि करने के लिए ब्रिटेन की ऊर्जा दिग्गज बीपी पीएलसी (BP Plc) के साथ करार किया है। बीपी की भारतीय इकाई ‘बीपी एक्सप्लोरेशन सर्विसेज इंडिया’ अब ओएनजीसी के लिए तकनीकी सेवा प्रदाता (TSP) के रूप में कार्य करेगी। यह साझेदारी वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और उन्नत तकनीकों का उपयोग कर पुराने तेल कुओं में नई जान फूंकने के उद्देश्य से की गई है।
इस अनुबंध के तहत अगले 10 वर्षों में तेल और गैस के संयुक्त उत्पादन में लगभग 24 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी का अनुमान है। इसमें कच्चे तेल के उत्पादन में 10.8 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में 31.5 प्रतिशत तक की वृद्धि अपेक्षित है। इस तकनीकी सुधार का प्रभाव वित्तीय वर्ष 2026-27 से दिखाई देने लगेगा, जबकि इसका पूर्ण लाभ 2029-30 तक प्राप्त होने की उम्मीद है।
ओएनजीसी ने भुगतान के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था अपनाई है, जिसमें शुरुआती दो वर्षों के लिए निश्चित शुल्क और उसके बाद उत्पादन आधारित राजस्व साझा किया जाएगा। यह पहल ओएनजीसी की उस व्यापक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका लक्ष्य नई तकनीकों को अपनाकर भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करना है। बाजार में ओएनजीसी के शेयरों पर भी इस बड़े रणनीतिक फैसले का असर देखने को मिल रहा है।

