
उमरिया। मध्यप्रदेश के उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने रेस्क्यू के दौरान मृत पाए गए बाघ की मौत ट्रेंकुलाइजेशन ड्रग के ओवरडोज से होने की आशंका से इंकार किया है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने जारी बयान में कहा कि घटना के बाद कुछ समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया में यह प्रसारित किया जा रहा है कि बाघ की मृत्यु ट्रेंकुलाइजेशन ड्रग के ओवरडोज के कारण हुई है, जबकि प्रारंभिक स्थिति में ऐसा स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने कहा कि संभावना यह भी है कि ट्रेंकुलाइजेशन से पहले ही बाघ की मौत हो चुकी हो, क्योंकि डार्ट किए जाने के बाद बाघ ने किसी प्रकार की हलचल नहीं की थी। उन्होंने बताया कि मामले की वास्तविक स्थिति पोस्टमार्टम और एकत्रित किए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्रबंधन के अनुसार 24 मई को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के प्रोटोकॉल के तहत बाघ का पोस्टमार्टम कराया गया तथा आवश्यक नमूने एकत्रित किए गए। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आज सोमवार को जबलपुर स्थित एसडब्ल्यूएफएच में पुनः पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और अतिरिक्त नमूने भी लिए जा रहे हैं। प्रबंधन ने कहा कि सही तथ्यों को सामने लाने के लिए सभी आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं वरिष्ठ कार्यालय के मार्गदर्शन में की जा रही हैं।
