अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की संभावना बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें गिरीं

वॉशिंगटन, 25 मई (वार्ता) अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने को लेकर संभावित समझौते के संकेत मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में रविवार शाम भारी गिरावट दर्ज की गयी। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधित आपूर्ति व्यवस्था के धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद जगी है।
वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग पांच डॉलर प्रति बैरल गिरकर करीब 98.76 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जो शुक्रवार के बंद स्तर की तुलना में 4.62 प्रतिशत कम है। यह गिरावट सप्ताहांत में संभावित समझौते की प्रारंभिक रूपरेखा सामने आने के बाद दर्ज की गयी है। माना जा रहा है कि यह ऊर्जा बाजारों के लिए पहली बड़ी राहत का संकेत है, जो पिछले कई महीनों से संघर्ष, समुद्री परिवहन में व्यवधान और आपूर्ति संकट को लेकर निवेशकों की चिंता के कारण दबाव में थे।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समझौता हो भी जाता है, तब भी होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को जो भारी नुकसान हुआ है उससे उत्पन्न स्थिति को सामान्य होने में वर्षों का समय लग सकता है।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के अनुसार, मई के मध्य तक प्रतिदिन लगभग 1.4 करोड़ बैरल तेल की सामान्य आवाजाही प्रभावित रही। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दरकिनार करने वाले वैकल्पिक पाइपलाइन मार्गों का उपयोग बढ़ाया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बाधित आपूर्ति का केवल सीमित हिस्सा ही पूरा हो पा रहा है। खाड़ी क्षेत्र के कई तेल उत्पादक देशों ने भंडारण सुविधाएं भर जाने के कारण उत्पादन भी घटा दिया है और यदि समुद्री मार्ग फिर से खुलते हैं तब भी उत्पादन को पूरी क्षमता तक पहुंचाने में समय लगेगा। गैसबडी के पेट्रोलियम विश्लेषण प्रमुख पैट्रिक डी हान ने कहा कि केवल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से उपभोक्ताओं को तुरंत राहत नहीं मिलेगी।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “ईंधन की कीमतें फिलहाल घट रही हैं, लेकिन जब तक औपचारिक समझौता नहीं हो जाता और बड़ी संख्या में जहाज फिर से जलडमरूमध्य से गुजरना शुरू नहीं करते, तब तक अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत चार डॉलर प्रति गैलन से ऊपर बनी रह सकती है।” विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि सुरक्षा स्थिति पूरी तरह स्थिर होने तक शिपिंग कंपनियां बड़े पैमाने पर परिवहन सेवाएं दोबारा शुरू करने से हिचक सकती हैं।
रिसर्च फर्म क्लियरव्यू एनर्जी पार्टनर्स ने कहा कि समुद्री सुरंगों को निष्क्रिय करने, फंसे हुए टैंकरों को हटाने और उत्पादन ढांचे को पुनः चालू करने में “कई सप्ताह से लेकर महीनों” का समय लग सकता है, जबकि क्षतिग्रस्त ढांचों की मरम्मत और घटे हुए भंडार को फिर से भरने में “कई तिमाहियां या वर्षों” लग सकते हैं।

Next Post

ईरान-अमेरिका के बीच संभावित समझौते में इज़रायल से अच्छी भूमिका की उम्मीद नहीं : बघाई

Mon May 25 , 2026
तेहरान, 25 मई (वार्ता) ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम करने वाली किसी भी प्रक्रिया को बाधित करने के प्रयासों के अलावा और इजरायल से कुछ और उम्मीद नहीं की जा सकती है। ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते […]

You May Like