
छतरपुर। मुख्य वन संरक्षक नरेश यादव एवं वनमण्डलाधिकारी ऋषि मिश्रा के निर्देशन तथा एसडीओ कार्तिक नायक के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र छतरपुर की टीम ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वन अमले ने मातगुवां वन अवरोध जांच नाके पर करीब 30 लाख रुपये मूल्य की अवैध खैर की लकड़ियों से भरा एक ट्रक जब्त किया है।
दस्तावेज नहीं दिखा सका चालक
जानकारी के अनुसार, वन परिक्षेत्र अधिकारी बुद्ध सेन कोल को सोमवार सुबह मुखबिर से अवैध परिवहन की सटीक सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने मातगुवां नाके पर घेराबंदी की। इस दौरान ट्रक क्रमांक MP 07 HB 1516 को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसमें भारी मात्रा में छिली हुई खैर की लकड़ियों के टुकड़े भरे पाए गए। मौके पर वाहन चालक लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध कागजात पेश नहीं कर सका।
30 लाख रुपये आंकी गई कीमत
एसडीओ कार्तिक नायक ने बताया कि जब्त की गई खैर की लकड़ी का बाजार मूल्य लगभग 30 लाख रुपये आंका गया है। खैर की लकड़ी का उपयोग मुख्य रूप से कत्था बनाने के लिए किया जाता है, जिसके कारण इसकी तस्करी की जा रही थी। वन विभाग ने अवैध परिवहन के आरोप में ट्रक और लकड़ी को जब्त कर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 942/12 दिनांक 25/05/2026 पंजीकृत कर लिया है। जब्त वाहन को छतरपुर वन परिक्षेत्र कार्यालय में सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है।
कार्रवाई में शामिल रही यह टीम
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी बुद्ध सेन कोल के साथ परिक्षेत्र सहायक ईशानगर जलज मिश्रा, वनपाल डालचंद्र अहिरवार, विश्वनाथ पटेल, वनरक्षक राजकुमार प्रजापति, देवेंद्र अहिरवार, पवन कुमार शर्मा, शेख वसीम, धर्मेंद्र पटेल तथा शासकीय वाहन चालक राकेश कुशवाहा व प्रमोद अवस्थी की मुख्य भूमिका रही।
