
मां नर्मदा की प्रतिमा का अनावरण किया मुख्यमंत्री ने
नर्मदाष्टक से गुंजायमान हुआ नर्मदा चौराहा
नव भारत न्यूज
इंदौर। इंदौर पर मां नर्मदा का आशीर्वाद है, यही वजह है कि इंदौर ने विकास के मामले में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अहिल्या माता की नगरी में माँ नर्मदा की कृपा है। एकमात्र यही नदी है जिसकी परिक्रमा और आचमन से जीवन धन्य हो जाता है। नर्मदा के बिना इंदौर की प्रगति सम्भव नहीं है।
यह बात मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने राजेंद्र नगर रेती मंडी स्थित मां नर्मदा प्रतिमा का लोकार्पण करते हुए कही।
उन्होंने चौराहे के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए महापौर और उनके समाज की सराहना की। आज देश भर में मां नर्मदा की चर्चा का मुख्य कारण इंदौर है। इंदौर के महापौर स्वयं अपने नाम के अनुरूप कार्य कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इंदौर प्रगति के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है तो मां अहिल्या की इस नगरी में मां नर्मदा जल है, जिसके आचमन से ही पीढ़ी दर पीढ़ी सुधार जाती है। यह देश की एकमात्र नदी है जिसकी परिक्रमा करने से कई पीढ़ियां सुधर जाती है। पाप समूल नष्ट होते है।
धर्म और संस्कृति के आधार पर शासन संचालित – महापौर
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव धर्म और संस्कृति के आधार पर प्रशासन चलाने का कार्य कर रहे है। मुख्यमंत्री की भावना के अनुरूप ही चौराहे का सौंदर्यीकरण हुआ है। महापौर भार्गव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि मां नर्मदा की पहली अष्टधातु की प्रतिमा का लोकार्पण इंदौर में हुआ है। मां नर्मदा परिक्रमा को प्रदर्शित करता चौराहा मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
नर्मदा चौराहे का सौंदर्यीकरण देख अभिभूत – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ की दिव्य प्रतिमा के साथ और शंख का उद्घोष सुनाई देगा। उन्होंने सारी दुनिया का काम एक तरफ और नर्मदा जी का काम एक तरफ, मां नर्मदा के काम में कोई देरी नहीं की जाएगी।
सीएम यादव ने नार्मदीय ब्राह्मण समाज को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित नार्मदीय ब्राह्मण समागम के लिए समाजजनों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि नार्मदीय ब्राह्मण समाज ने माँ नर्मदा के माध्यम से अपनी धारा को देश भर में पहुंचाने का काम किया है । इसके लिए मैं उन्हें बधाइयां देता हूं।
मां नर्मदा की प्रतिकृति, महेश्वर का किला आकर्षण का केंद्र
नर्मदा चौराहे पर मां नर्मदा की 8 फीट ऊंची प्रतिकृति स्थापित की गई है। प्रतिकृति की चौड़ाई 8 फीट है और अष्ट धातु से बनाई गई है। ग्वालियर के आर्टिस्ट अनुज राय ने प्रतिकृति को तैयार किया है। चौराहे पर महेश्वर का किला और भेड़ाघाट की प्रतिकृति, शंख फाउंटेन और अन्य आकर्षक आकृतियां भी दिखाई देंगी। इन आकृतियों और स्ट्रक्चर को एमएस धातु से तैयार किया गया है। साथ ही मां नर्मदा के परिक्रमा स्थलों को भी एक भव्य प्रतिकृति में दर्शाया गया है।
