इंदौर: जिले के शासकीय कार्यालयों में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. कनाडिया तहसील में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा राजस्व शाखा से जुड़े कार्य किए जाने का मामला चर्चा में है.सूत्रों के अनुसार नितिन बालोदिया, जो मूल रूप से शासकीय सादीपनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में चपरासी पद पर पदस्थ हैं, वर्तमान में निर्वाचन कार्य के लिए अटैच किए गए हैं. बताया जा रहा है कि वे विधानसभा क्षेत्र 205 इंदौर-2 के सैटेलाइट भवन स्थित कार्यालय में आवक-जावक सहित राजस्व शाखा से जुड़े कार्य देख रहे हैं.
सूत्रों से जानकारी के मुताबिक निर्वाचन कार्य के लिए अटैच किए गए नितिन बालोदिया की भूमिका केवल सहायक कार्यों तक सीमित न रहकर कार्यालयीन प्रक्रिया से जुड़े कार्यों तक पहुंच गई है. इसे लेकर विभागीय कर्मचारियों और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का माहौल है. मामले को लेकर जब प्रशासनिक पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो एसडीएम दीपक चौहान ने बताया कि कर्मचारियों की कमी और बैठक व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उन्हें वहां बैठाया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनसे केवल आवक-जावक संबंधी कार्य ही लिया जा रहा है.
जिम्मेदारियों की स्पष्टता जरूरी
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि निर्वाचन कार्यों के दौरान कई कर्मचारियों को अस्थायी रूप से विभिन्न कार्यालयों में अटैच किया जाता है, लेकिन ऐसे मामलों में कार्य विभाजन और जिम्मेदारियों की स्पष्टता जरूरी है, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता और व्यवस्था बनी रहे.
