नई दिल्ली | पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में रसोई गैस (LPG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को लेकर नए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। सरकार की ‘एक परिवार, एक गैस कनेक्शन’ नीति के तहत जारी इन दिशानिर्देशों का मुख्य उद्देश्य गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना है। नए नियमों के अनुसार, अब जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन सक्रिय है, वे घरेलू एलपीजी सिलेंडर का उपयोग नहीं कर सकेंगे। समय सीमा के भीतर नियमों का पालन न करने पर तेल कंपनियां गैस आपूर्ति को पूरी तरह ब्लॉक कर सकती हैं।
अवैध जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच न्यूनतम समयावधि तय कर दी गई है। शहरी क्षेत्रों के लिए यह अवधि 25 दिन, जबकि ग्रामीण इलाकों के लिए 45 दिन निर्धारित की गई है। इसके अलावा, सभी सक्रिय एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के उपभोक्ताओं की रिफिल बुकिंग स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही, 10 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी के दायरे से बाहर रखा गया है।
गैस चोरी और अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार ने डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) व्यवस्था को अनिवार्य बना दिया है। अब सिलेंडर की सफल डिलीवरी तभी सुनिश्चित होगी, जब उपभोक्ता अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी (OTP) डिलीवरी एजेंट के साथ साझा करेंगे। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए तुरंत अपने नजदीकी गैस वितरक से संपर्क कर ई-केवाईसी स्थिति की जांच करें और इन नए दिशा-निर्देशों का समय पर पालन सुनिश्चित करें।

