सतना : जिला चिकित्सालय के प्रसूता वार्ड से नवजात को चुराकर ले जाने के प्रयास जैसी सनसनीखेज घटना का पटाक्षेप करते हुए पुलिस ने आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. आरापी ने पुलिस को बताया कि चार्जर को लेकर हुए विवाद के चलते महिला को सबक सिखाने की नियत से उसने घटना को अंजाम दिया था.माडा टोला निवासी महिला शिवानी चौधरी द्वारा मंगलवार की सुबह जिला चिकित्सालय में बच्चे को जन्म दिया गया था. जिसके चलते वे प्रसूता वार्ड में भर्ती थीं. मंगलवार की रात शिवानी को नींद में देखते ही एक युवक उनके पास पहुंच गया और नवजात को उठाकर झोले में रख लिया.
जिसके बाद वह नजरें बचाता हुआ प्रसूता वार्ड से बाहर निकल गया. लेकिन जैसे ही वह बाहर निकला तो हाथ में लिए झोले से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी. यह सुनकर वहां पर मौजूद नई बस्ती निवासी महिला अभिलाषा तिवारी को शंका हुई. जिसके चलते अभिलाषा ने जब युवक का पीछा किया तो झोले में से बच्चे के पैर नजर आए. मामले की गंभीरता को भांपते हुए अभिलाषा ने फौरन युवक को रोक लिया और पूछताछ शुरु कर दी. लेकिन रुकने के बजाए युवक वहां से भागने लगा. यह देख अभिलाषा ने शोर मचाते हुए उसका पीछा करना शुरु कर दिया.
स्वयं को फंसता देख युवक झोले को वहां पर फेंकते हुए भाग निकला. शिवानी और अभिलाषा दोनों के बयान लेने और अस्पताल में लगे सीसटीवी फुटेज की जांच करने पर पुलिस ने आरोपी की पहचान करते हुए उसे बुधवार को ही उठा लिया था. वहीं पूछताछ पूरी करने के बाद अगले दिन आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया. पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी विपिन सोनी ने बताया कि मोबाइल के चार्जर को लेकर उसका शिवानी के साथ कुछ विवाद हो गया था. लिहाजा शिवानी को सबक सिखाने की नियत से उसने इस घटना को अंजाम दिया. हलांकि यह बात और है कि पुलिस द्वारा घटना के पीछे का जो कारण बताया जा रहा है वह किसी के भी गले नहीं उतर रहा है.
