आमला: आमला रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली से चेन्नई जाने वाली ग्रांड ट्रैक एक्सप्रेस का आमला स्टेशन पर सुबह लगभग 7:38 बजे स्टॉपेज होता है, लेकिन ट्रेन की अंतिम बोगी, जो महिलाओं के लिए आरक्षित रहती है, प्लेटफॉर्म के बाहर जाकर रुकती है। इससे महिला यात्रियों, बुजुर्ग महिला और छोटे बच्चों के साथ सफर कर रही माताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जान जोखिम में डालकर उतरते है ट्रेन से
महिला यात्री के अनुसार महिला कोच प्लेटफॉर्म से बाहर रुकने के कारण यात्रियों को ऊंचाई से चढ़ने-उतरने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। विशेषकर बुजुर्ग महिलाओं के लिए ट्रेन की सीढ़ियां चढ़ना जोखिम भरा साबित हो रहा है। कई बार छोटे बच्चों को गोद में लेकर उतरना पड़ता है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
2 मिनट के ठहराव में होती अफरा तफरी
यात्रियों का कहना है कि ट्रेन का ठहराव समय मात्र दो मिनट का होने से अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन जाती है।वही महिला कोच में कई पुरुष भी चढ़ते है जिससे भी काफी तकलीफ होती है। जल्दबाजी में यात्री किसी तरह उतरने और चढ़ने की कोशिश करते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि प्लेटफॉर्म के बाहर रुकने वाली बोगी के पास पर्याप्त व्यवस्था और सुरक्षा भी नजर नहीं आती।रेलवे प्रशासन यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं देता, तो भविष्य में कोई गंभीर जनहानि होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।यात्रियों ने इस व्यवस्था को तत्काल सुधारने की मांग करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
जल्द ही इस समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
डीके साहू
रेल्वे स्टेशन प्रबंधक आमला
