
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार द्वारा खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई वृद्धि का स्वागत करते हुए कहा है कि केवल घोषणाएं करने से किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, जब तक कि बढ़ी हुई दरों का वास्तविक लाभ किसानों तक जमीन पर नहीं पहुंचे।
गुरुवार को जारी बयान में पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा किसानों की भावनाओं को समझने के लिए धन्यवाद, लेकिन देश और विशेष रूप से मध्यप्रदेश के किसान आज भी अपनी उपज का वास्तविक समर्थन मूल्य प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में आखिर कौन-कौन सी फसलें वास्तव में एमएसपी पर खरीदी जा रही हैं और केंद्र सरकार इस संबंध में स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करे।
पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मांग की कि सरकारी खरीद के दावों का भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा प्रदेश की कृषि मंडियों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दलहन, तिलहन, मोटे अनाज और सरसों जैसी अधिकांश खरीफ फसलें आज भी एमएसपी से कम दाम पर बिक रही हैं।
उन्होंने विशेष रूप से मूंग उत्पादक किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार बार-बार आश्वासन देती है, लेकिन किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने में असफल हैं। पटवारी ने कहा कि कर्ज और पारिवारिक जिम्मेदारियों से दबे किसान मजबूरी में औने-पौने दाम पर फसल बेचने को विवश हैं, जिसका लाभ व्यापारी और बिचौलिए उठा रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि एमएसपी से कम कीमत पर खरीद को दंडनीय अपराध घोषित किया जाए और किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए।
