
सिंगरौली । जिले की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने एवं सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता एवं एसपी शियाज केएम की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए पूरी गंभीरता के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि जिले में स्थापित औद्योगिक कंपनियों सहित परिवहन कार्य में संलग्न ट्रांसपोर्टरों की भी है।
बैठक के दौरान कहा कि कोल परिवहन करने वाले वाहन अधिकांशत: सड़क के दोनों किनारों पर खड़े रहते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना हर समय बनी रहती है। इस पर कलेक्टर नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देशित किया कि भारी वाहनों को सार्वजनिक सड़कों पर पार्क न किया जाए, बल्कि कंपनियों द्वारा निजी स्थलों का चयन कर भारी वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाए। बैठक के दौरान यह भी निर्देशित किया कि ऐसे मार्ग, जिन पर अतिक्रमण किया गया है, संबंधित क्षेत्रों का राजस्व एवं पुलिस अमला आपसी समन्वय बनाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करे तथा शहरी क्षेत्र में ननि आयुक्त अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। वही माइनिंग अधिकारी को भी निर्देश दिए गए कि निरीक्षण कर यह देखा जाए कि किन औद्योगिक कंपनियों से संबंधित भारी वाहन सार्वजनिक सड़कों के किनारे खड़े रहते हैं। उनकी सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। बैठक के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिंह, सहायक कलेक्टर सौम्या मिश्रा, एसडीएम सुरेश जाधव, नंदन तिवारी, देवेंद्र द्विवेदी, ननि आयुक्त सविता प्रधान, आरटीओ विक्रम सिंह राठौर, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग तेजस्विनी शुक्ला, खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल सहित जिले में कार्यरत औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधि एवं ट्रांसपोर्टर मौजूद रहे।
सड़क किनारे संचालित विद्यालयों के समीप बैरिकेडिंग कराएं
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि कन्वे मूवमेंट की नियमित जानकारी पुलिस मुख्यालय को दी जाए तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई भी वाहन कन्वे को अनावश्यक रूप से ओवरटेक न करे। इन वाहनों में जीपीएस एवं स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य होगा। उन्होंने निर्देशित किया कि ऐसे विद्यालय, जो सड़क किनारे संचालित हो रहे हैं, उनके पास बैरिकेडिंग कराई जाए। साथ ही पुलिस एवं औद्योगिक कंपनियों के साथ एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिसमें सड़क सुरक्षा के साथ-साथ आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में तत्काल एम्बुलेंस एवं कानून-व्यवस्था संबंधी जानकारी का आदान-प्रदान किया जा सके। बैठक के अंत में कलेक्टर ने आरटीओ को निर्देशित किया कि समय-समय पर कोयला परिवहन करने वाले वाहनों की जांच की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहनों में स्पीड गवर्नर, रिफ्लेक्टिव प्लेट एवं सभी आवश्यक दस्तावेज सही एवं अद्यतन हों।
