सीबीएसई 12वीं में डीपीएस कोलार के पारस बने भोपाल टॉपर, आईईएस की महक दूसरे स्थान पर

भोपाल। सीबीएसई 12वीं परीक्षा परिणाम में राजधानी के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. डीपीएस कोलार के छात्र पारस खडक्कर ने 98.4 प्रतिशत अंक हासिल कर भोपाल सिटी टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया, जबकि आईईएस स्कूल की महक कौशल 98.2 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. डीपीएस कोलार और आईईएस स्कूल के विद्यार्थियों ने इस बार भी उत्कृष्ट परिणाम देकर राजधानी के प्रमुख स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता को साबित किया है। हालांकि, भोपाल रीजन का कुल परीक्षा परिणाम 79.43 प्रतिशत रहा, जो राष्ट्रीय औसत 85.20 प्रतिशत से 5.77 प्रतिशत कम दर्ज किया गया.

प्रदेश से 80 हजार 454 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। देश भर में इस वर्ष कुल पास प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई है.पिछले वर्ष जहां राष्ट्रीय परिणाम 88.39 प्रतिशत रहा था, वहीं इस बार यह घटकर 85.20 प्रतिशत पर पहुंच गया. राजधानी के मेधावी विद्यार्थियों ने सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, सेल्फ स्टडी, शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को दिया है.

इन विद्यार्थियों ने मारी बाजी

पारस

मैंने लगातार शुरु से अपनी पढ़ाई पर फोकस किया है. जिसमें मेंरे टीचर्स और मेरे परिवार का काफी सहयोग रहा है. मैं आगे की पढ़ाई में सीए की तैयारी करूंगा. मेंरी दीदी भी कॉमर्स से टॉपर रही हैं, अभी सीए की आर्टिकलशिप पूरी कर रही हैं. अब मुझे भी चार्टर्ड एकाउंटेंट बनना है.

पारस खडक्कर, 98.4 प्रतिशत, कॉमर्स, डीपीएस, कोलार

महक

सेल्फ स्टडी, स्कूल और परिवार के सहयोग के साथ रोज 4 से 5 घंटे की पढ़ाई करती थी. आगे आईपीएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हूं. इतिहास मेंरा पसंदीदा विषय है. यह केवल अतीत से नहीं बल्कि आने वाले समय की चुनौतियों से भी परिचित कराता है. इसमें एक जुड़ाव है, जो मुझे रुचिकर लगता है.

महक कौशल, 98.2 प्रतिशत, कला, आईईएस स्कूल

अर्यमा

मैंने 12वीं के साथ वकालत के लिये क्लैट की भी तैयारी की कर रही थी. दोनों ही चैलेंजिंग थे, लेकिन मेहनत और पढ़ाई से मैंने क्लैट में भी एमपी में 34 रैंक हासिल की. और आज बोर्ड का रिजल्ट देखकर बहुत खुशी हो रही है. मैं अपने परिवार से वो पहली लड़की हूं जो वकील बनने के सपने को सच करने जा रही है.

अर्यमा मिश्रा, 97.6 प्रतिशत, कला, डीपीएस, कोलार

आन्या

पापा मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम करते हैं, उन्हे बचपन से देखकर लगता था उनकी तरह मैनेजमेंट या फाइनेंस के क्षेत्र में करियर बनाना चाहिये. जिसके लिये मैं सीयूईटी और आईपीमैट की तैयारी कर रही हूं. वहीं 12वीं के लिये रोजाना 6 से 8 घंटे पढ़ाई और मां का सहयोग मेंरे बेहतर परिणाम का कारण है.

आन्या चतुर्वेदी, 97.4 प्रतिशत, कॉमर्स, डीपीएस, कोलार

खुशी

हफ्ते में केवल 4 दिन स्कूल जाती थी, बाकी दिन घर पर सेल्फ स्टडी करती थी. छुट्टी वाले दिन कभी पढ़ाई नहीं की. खुद को हमेंशा तनाव से दूर रखते हुये 12वीं के साथ आईपीमैट की तैयारी की है. रोजाना करीब 4 से 5 घंटे का समय पढ़ाई में दिया है. आगे किसी आईआईएम से एमबीए करके उसी क्षेत्र में करियर बनाऊंगी.

खुशी कुईया, 96.2 प्रतिशत, कॉमर्स, आईईएस स्कूल

श्रृष्टि

पढ़ाई को कभी किसी दबाव में रहकर नहीं किया. दबाव महसूस होने पर अंग्रेजी की किताबें पढ़ने लगती थी. जिससे तनाव कम करने में मदद मिलती थी. आगे मैनेजमेंट की पढ़ाई कर इसी क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हूं. लगातार पढ़ाई और जीवन में अनुशासन के साथ ही मैं इस परिणाम तक पहुंच सकी हूं.

श्रृष्टि नेगी, 97.2 प्रतिशत, कला, डीपीएस, कोलार

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