नयी दिल्ली, 12 मई (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) ने विदेशी मुद्रा बचाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील की आलोचना करने को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उस पर राष्ट्र विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है और उन पर विदेशी धरती पर जाकर भारत-विरोधी ताकतों से बातचीत करने और साज़िशें रचने का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने श्री गांधी पर श्री मोदी को ‘कम्प्रोमाइज़्ड’ प्रधानमंत्री कहने को लेकर हमला बोला और कहा कि ‘कम्प्रोमाइज़्ड’ श्री मोदी नहीं, बल्कि खुद श्री गांधी हैं।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट को लेकर श्री मोदी ने राष्ट्रीय हित में एक अपील की और पूरे देश ने उसका पालन करने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि आज़ाद भारत के इतिहास में यह पहली बार नहीं है कि प्रधानमंत्री ने एहतियात के तौर पर देश से कोई अपील की हो। इससे पहले श्री लाल बहादुर शास्त्री, श्री जवाहरलाल नेहरू और श्रीमती इंदिरा गांधी ने भी ऐसी ही एहतियाती अपीलें की थीं। कांग्रेस ने तब उन अपीलों की तारीफ़ की थी, लेकिन जब श्री मोदी ने की, तो वह सरकार को नाकाम बताती हैं।
उन्होंने कहा, “लोग विपक्ष की ऐसी राष्ट्र-विरोधी राजनीति को नकार रहे हैं।” उन्होंने कहा कि श्री पी. चिदंबरम ने 13 जून, 2013 को भारत के लोगों से सोना न खरीदने की अपील की थी। उस समय कोई युद्ध नहीं चल रहा था। यह एक सच है कि कांग्रेस के शासनकाल में ही,भारत की आर्थिक व्यवस्था ‘कमज़ोर पाँच’ देशों की श्रेणी में आ गई थी। आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था पर ये लोग उंगलियाँ उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ” श्री गांधी और श्री मल्लिकार्जुन खरगे, मैं आपको सम्मानपूर्वक याद दिलाना चाहता हूँ कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान जब पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों पर सवाल उठाए गए थे, तब सितंबर 2012 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि ‘पैसा पेड़ों पर नहीं उगता। ”
उन्होंने कहा कि राफेल लड़ाकू विमान भारत नहीं आए और 2013-14 में तत्कालीन रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने कहा था कि उनके लिए सरकारी खजाने में पैसे नहीं हैं। देश की सुरक्षा के लिए पैसे नहीं थे, लेकिन श्रीमती सोनिया गांधी और श्री गांधी द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों के लिए पैसे थे। सैनिकों के पास तो बुलेटप्रूफ जैकेट भी नहीं थीं। आज, भारत गर्व से कह सकता है कि उसके विदेशी मुद्रा भंडार मज़बूत स्थिति में हैं।
भाजपा नेता ने कहा, “पिछले दो महीनों में वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत के पास अभी भी लगभग 710 अरब अमेरिकी डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। यह हमारी अर्थव्यवस्था की मज़बूती को दर्शाता है। लेकिन विपक्ष तो बस घबराहट फैलाना चाहता है, डर पैदा करना चाहता है और लोगों के बीच भ्रम फैलाना चाहता है।”
