
जावरा। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत का होली हनुमानजी कलश आरोहण वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान जावरा आगमन पर आत्मीय स्वागत किया। राज्यपाल अल्प समय के लिए अपने पारिवारिक मित्र वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दिलीप शाकल्य के यहा पहुंचे, जहां विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारी संगठनों द्वारा उनका भव्य अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने जावरा से अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए कहा कि स्व. डॉ. श्रीधर शाकल्य उनके लिए पिता तुल्य थे और उनका परिवार से 40 वर्षों पुराना आत्मीय रिश्ता रहा है। उन्होंने कहा कि अब वही स्नेह और अपनापन डॉ. शाकल्य से भी बना हुआ है। राज्यपाल ने कहा कि जब उन्होंने आलोट विधानसभा से चुनाव लड़ा था, उस दौरान एसडीएम कार्यालय जावरा ही लगता था, तभी जावरा के कई परिवारों से उनका परिचय हुआ था, जो आज भी आत्मीय रिश्ते में बदला हुआ है। आज भी होली हनुमान तीर्थ जाते समय जावरा वासियों के स्नेह ने मुझे यहां रुकने पर मजबूर कर दिया।
इन संस्थाओं और वरिष्ठजनों ने किया
इस अवसर पर गीतांजलि गौशाला नीलकंठ धाम घटवास के संस्थापक संस्कार ऋषि गुरुदेव दिनेश व्यास, प्रजापति ब्रह्माकुमारी जावरा इकाई की साध्वी बहनें, सिक्ख समाज गुरुद्वारा प्रमुख ज्ञानी हंसराज सिंह, जितेंद्र गहलोत, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य केकेसिंह कालूखेड़ा, कानसिंह चौहान, धरमचन्द्र चपडोद, चंद्रप्रकाश ओस्तवाल, देवेंद्र शर्मा, हरिराम शाह, सर्राफ प्रकाश कांठेड़, प्रदीप चौधरी नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि यूसुफ कड़पा, उपाध्यक्ष सुशील कोचट्टा, विजय कोठारी, अमित मोदी, प्रिंस ओस्तवाल, सुनील भावसार, डॉ प्रकाश उपाध्याय, डॉ अतुल मंडवारिया, डॉ घनश्याम पाटीदार, अभय कोठारी, विनोद चोरसिया, निलेश सेठिया, दिनेश सुराना, सीडी लालवानी, शेखर नाहर, शेखर धारीवाल, किशोर शाकल्य, संजय रूनवाल, यशवंतसिह सोलंकी, अरुण श्यामसुखा, जितेन्द्रसिंह चंद्रावत, सचिन वीनायका के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों ने राज्यपाल का स्वागत-सम्मान किया। संचालन हरिराम शाह ने किया तथा आभार डॉ.अभिदीप शाकल्य ने माना।
