
जबलपुर। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मानहानि के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट भोपाल के विशेष मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किये गये समन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के बेटे ने कार्तिकेय सिंह चौहान की तरफ से जवाब पेश समय प्रदान करने का आग्रह किया गया। जस्टिस पीके अग्रवाल की एकलपीठ की आग्रह को स्वीकार करते हुए दो दिन का समय प्रदान करते हुए अगली सुनवाई 14 मई निर्धारित की है। एकलपीठ ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है।
गौरतलब है कि भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट भोपाल में मानहानि का परिवाद दायर किया था। परिवाद में कहा गया था कि 2018 में राहुल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उस समय झाबुआ में हुई चुनावी सभा में राहुल गांधी ने एक भाषण के दौरान कथित तौर पर पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय का नाम लिया था। राहुल गांधी ने तुलना करते हुए कहा था कि पाकिस्तान में नवाज शरीफ पर कार्रवाई हुई, लेकिन मध्यप्रदेश में ऐसा नहीं हुआ। इस बयान को लेकर कार्तिकेय सिंह चौहान ने इसे अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने बताया था। विशेष मजिस्ट्रेट द्वारा परिवाद की सुनवाई करते हुए राहुल गांधी को समन जारी किया गया था।
समन व परिवाद को निरस्त कराने राहत चाहते हुए राहुल गांधी ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। उन्होंने आरोपों को नकारते हुए परिवाद को बेबुनियाद बताया। हाईकोर्ट ने याचिका की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने शिकायतकर्ता का पक्ष सुनने के लिए उन्हें नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने निर्देश जारी किये थे। शिकायतकर्ता की तरफ से मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान समय प्रदान करने का आग्रह किया गया। जिसे स्वीकार करते हुए एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ से से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा एवं अजय गुप्ता ने पक्ष रखा।
